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झूठी जानकारी देकर मतदाता सूची से नाम कटवाने वालो पर हो एफआईआर
कांग्रेसियों ने टीआई को सौपा ज्ञापन
मुलताई। चुनाव आयोग के निर्देश पर वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगो द्वारा एसडीएम को झूठी एवं भ्रामक जानकारी देकर शिकायत कर मतदाता सूची से मतदाताओ केनाम कटवाए जा रहे है।जिससे का परेशान है, जिसके चलते मंगलवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने टीआई नरेंद्र सिंह परिहार को ज्ञापन देकर झूठी शिकायत कर नाम कटवाने वालों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय यादव, कमल सोनी,राजरानी परिहार,नपा उपाध्यक्ष शिव माहौरे,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण यादव, नितेश साहू, सुमित शिवहरे, लोकेश यादव, अजेंद्र सिंह परिहार, सहित कांग्रेसियों द्वारा सौपे आवेदन मे बताया एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा नगर में स्थायी रूप से रह रहे नागरिकों की जानबूझकर झूठी एवं भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करते हुए निर्वाचक नामावली से नाम कटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्रस्तुत किये गए है। उक्त झूठे एवं आधारहीन आवेदनों के कारण नगर के अनेक नागरिक जिनमें छात्र, महिलाएं,बुजुर्ग एवं अन्य शहरों में पढ़ रहे विद्यार्थी भी शामिल है। इन सभी को वर्तमान में जो एसआईआर में त्रुटी सुधार प्रक्रिया में अत्यधिक कठिनाईयों का सामना करना पड रहा है।जिसमे बडी संख्या में ऐसे बच्चे और विद्यार्थी जो बाहर अध्ययनरत है उन्हे मुलताई आकर घंटों तहसील कार्यालय में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड रहा है। जिससे उनकी पढाई बाधित हो रही है तथा मानसिक एवं शारीरिक परेशानी हो रही है।वहीं रोज कमाकर जीवन यापन करने वाले श्रमिक दुकानदार एवं अन्य नागरिकों को अपने रोजगार से वंचित होकर पूरे दिन तहसील कार्यालय में लाईन में लगना पड़ रहा है जिससे उन्हे आर्थिक क्षति के साथ साथ मानसिक एवं शारीरिक कष्ट भी उठाना पड रहा है। शिकायत कर्ताओ का उक्त कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत अपराध है।जिसमे जो कोई व्यक्ति मतदाता सूची की तैयारी या संशोधन के दौरान जानबूझकर ऐसा कोई बयान या घोषणा करता है जो असत्य है उसे एक साल तक की जेल या जुर्माना या दोनो से दंडित करने का प्रावधान करती है। वहीं बीएनएस की धारा 211 के अंतर्गत कोई व्यक्ति जो कि सरकारी अधिकारी जैसे बीएलओ को यह जानते हुए कि वह गलत है उसके बाद भी गलत सूचना देता है ताकि वह अधिकारी अपनी शक्ति का उपयोग करके किसी को क्षति पहुंचाये लागू होती है के अंतर्गत दंडनीय अपराध है और लोकतंत्र की प्रक्रिया को प्रभावित करने का एक गंभीर प्रयास है। उक्त तथ्यों को संज्ञान में लेकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।





