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भीमपुर: बैतूल से ड्यूटी पर लौट रहे चार शिक्षकों का बोलेरो अनियंत्रित, चार पलटियां खाकर दुर्घटनाग्रस्त; स्थानीय पत्रकारों की तत्परता से बची जानें

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खबरवाणी

भीमपुर: बैतूल से ड्यूटी पर लौट रहे चार शिक्षकों का बोलेरो अनियंत्रित, चार पलटियां खाकर दुर्घटनाग्रस्त; स्थानीय पत्रकारों की तत्परता से बची जानें

रिपोर्ट प्रदीप यादव भीमपुर

भीमपुर, 2 फरवरी 2026
बैतूल से कार्यक्षेत्र की ओर आ रहे चार शिक्षकों का बोलेरो वाहन नेवरलोडु के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। वाहन ने सड़क के बाहर चार पलटियां खाईं, जिसमें सवार तीन शिक्षक और एक इंजीनियर मौत को छूकर बचे। सभी को हाथ-पैर व शरीर में चोटें आईं, जिनमें एक गंभीर रूप से घायल है। स्थानीय पत्रकारों की फुर्ती भरी कार्रवाई से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।हादसे का विवरणशिक्षा विभाग के चार शिक्षक—प्राचार्य अनिल झोड़ (55 वर्ष), सीएससी मनोहर मालवीय (55 वर्ष), सीएससी सुनील नंदनवार (50 वर्ष)—और इंजीनियर डेनी गौर (50 वर्ष), सभी बैतूल निवासी, सरकारी कार्य के सिलसिले में ग्राम चांदु जा रहे थे। बैतूल से भीमपुर की ओर आते समय नेवरलोडु के पास उनका बोलेरो अचानक स्पीड खो बैठा और सड़क से बाहर जाकर चार बार पलट गया। इस भयावह हादसे में:डेनी गौर को सिर में गंभीर चोट लगी।सुनील नंदनवार के पैर में भारी चोट आई।मनोहर मालवीय को सीने में तीव्र दर्द हो रहा है, उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।अनिल झोड़ को मामूली चोटें आईं।डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन निगरानी में रखा गया है। श्याम आर्य पत्रकार और शिक्षक प्रकाश मांकोड़े की त्वरित सहायता से बची जानें हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पत्रकार व ताप्ती दर्शन संवाददाता श्याम आर्य अपने निजी वाहन से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ शिक्षक प्रकाश मांकोड़े भी थे। दोनों ने घायलों को वाहन में बिठाकर सीधे बैतूल जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। परिजनों को सूचना देकर उन्होंने प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया। श्याम आर्य ने बताया, “वाहन की अचानक अनियंत्रित होने से हादसा हुआ। तत्काल सहायता से सभी की जान बच गई।”विभाग व परिजनों का प्रतिक्रियाशिक्षा विभाग के अधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। परिजन व परिचितों ने श्याम आर्य व प्रकाश मांकोड़े को अहसान माना तथा उनका धन्यवाद दिया। स्थानीय लोगों ने पत्रकारों की तत्परता की सराहना की, जो ऐसी दुर्घटनाओं में जीवनरक्षक साबित हुई।

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