बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा चल रही थी, तभी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखनी शुरू की। उन्होंने चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। जैसे ही राहुल गांधी ने डोकलाम और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बातें कहीं, बीजेपी सांसद भड़क गए और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
चीन की घुसपैठ पर सवाल, सरकार पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि देश की सीमाओं पर चीन की गतिविधियां चिंताजनक हैं और सरकार सच्चाई छुपा रही है। उन्होंने दावा किया कि डोकलाम से जुड़े कई अहम तथ्य जनता के सामने नहीं लाए गए। राहुल गांधी का कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों पर सरकार पारदर्शिता नहीं दिखा रही, जिससे देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब का जिक्र बना विवाद
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक किताब का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस किताब में चीन की घुसपैठ से जुड़े कई खुलासे किए गए हैं। जैसे ही राहुल गांधी ने किताब के अंश पढ़ने शुरू किए, बीजेपी सांसदों ने जोरदार विरोध किया। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी सीट से खड़े हो गए।
राजनाथ सिंह और अमित शाह का कड़ा विरोध
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, ऐसे में उसे सदन में पढ़ना गलत है। उन्होंने राहुल गांधी से सबूत पेश करने को कहा। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी सवाल उठाया कि बिना प्रकाशित किताब के आधार पर सरकार पर आरोप कैसे लगाए जा सकते हैं। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया।
सच्चाई दबाने का आरोप और सदन स्थगित
राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका स्रोत पूरी तरह प्रामाणिक है और सरकार इसी सच्चाई से डर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डोकलाम से जुड़े तथ्य जानबूझकर दबाए जा रहे हैं ताकि जनता को सच न पता चले। करीब 45 मिनट तक चले हंगामे के बाद हालात बेकाबू हो गए और स्पीकर ओम बिरला को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
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