जापान की जानी-मानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने पहली बार अडानी ग्रुप की तीन बड़ी कंपनियों को इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग दी है। यह अडानी ग्रुप के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। जिन कंपनियों को यह रेटिंग मिली है, उनमें अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ), अडानी ग्रीन एनर्जी (AGEL) और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) शामिल हैं।
अडानी पोर्ट्स को मिला भारत से भी बेहतर दर्जा
अडानी पोर्ट्स को JCR की तरफ से A- (स्टेबल आउटलुक) की रेटिंग दी गई है। यह रेटिंग खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि यह भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग से भी ऊपर है। बहुत कम भारतीय कंपनियां ऐसी हैं, जिन्हें विदेशी रेटिंग एजेंसियों से इतना ऊंचा दर्जा मिलता है। यह रेटिंग अडानी पोर्ट्स की मजबूत कमाई, स्थिर कैश फ्लो और बिजनेस के विविध विस्तार को दर्शाती है।
ग्रीन एनर्जी और एनर्जी सॉल्यूशंस को भी मिला भरोसा
अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को BBB+ (स्टेबल) रेटिंग दी गई है। यह रेटिंग भारत सरकार की मौजूदा क्रेडिट रेटिंग के बराबर मानी जाती है। इससे साफ होता है कि रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में अडानी ग्रुप की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और भविष्य में इन कंपनियों की ग्रोथ को लेकर विदेशी निवेशक भी भरोसा जता रहे हैं।
मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम का मिला इनाम
JCR की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी पोर्ट्स की रेटिंग उसके मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर आय और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स की वजह से दी गई है। यह अडानी ग्रुप को उन चुनिंदा भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की कतार में खड़ा करता है, जिन्हें इंटरनेशनल लेवल पर इतना ऊंचा क्रेडिट भरोसा मिला है।
ग्लोबल निवेशकों का अडानी पर बढ़ता विश्वास
अडानी ग्रुप के CFO जुगेषिंदर सिंह ने कहा कि यह रेटिंग ग्रुप की अनुशासित फाइनेंशियल पॉलिसी, मजबूत बैलेंस शीट और वर्ल्ड क्लास ऑपरेशंस का नतीजा है। इससे यह भी साबित होता है कि वैश्विक निवेशक और वित्तीय संस्थाएं अडानी ग्रुप की लॉन्ग टर्म रणनीति और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उसकी भूमिका पर पूरा भरोसा कर रही हैं।




