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समाज में सामाजिक समरसता का भाव उतपन्न करता है श्रीराम महायज्ञ पंडित _ रामशंकर वैदांती
आठनेर। 27 जनवरी को ग्राम सातनेर में महंत श्री रामशंकर वैदांती ने श्रीराम महायज्ञ के दौरान व्यास पीठ से प्रवचन में श्रीराम महायज्ञ का महत्व बताया। रामशंकर वैदांती ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति, से जुडकर सुखद अनुभूति देता है श्रीराम महायज्ञ। सनातन धर्म परंपरा में शांति, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रीराम महायज्ञ आवश्यक है। सातनेर के ग्रामीणजनों के सहयोग से किया जा रहा धार्मिक अनुष्ठान समाज मे सामाजिक समरसता भाव पैदा करता है । भगवान श्रीराम स्वयं 14 वर्ष के वनवास काल में वैदिक मंत्रों, साधना, से जुडकर मनुष्य के जीवन में साधारण रूप में जीवन बीता कर सनातन धर्म संस्कृति से जुडने का संदेश दिया।
नैतिक आदर्शों का प्रचार है श्रीराम महायज्ञ
महंत द्वारा श्रीराम महायज्ञ को नैतिक आदर्शों का प्रचार बताया। सत्य धर्म मर्यादा के आदर्शों पर चलकर सनातन धर्म के प्रति समाज को जन जागरण कर सकते हैं।
श्रीराम महायज्ञ समृद्धि और सुरक्षा देता है
श्रीराम महायज्ञ मनुष्य के जीवन में समृद्धि, सुरक्षा का भाव देता है। पूरे विश्व में आज सनातन धर्म से जुडकर देवी देवताओं की भक्ति की जा रही है।। वातावरण को शुद्ध करने हवन यज्ञ भी किए जा रहे हैं। समूचे जिले में सुख शांति परम वैभव की कामना के लिए श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।





