Canada-India Relation: अमेरिका के कड़े तेवर और टैरिफ की धमकियों के बावजूद कनाडा ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों के बाद अब कनाडा ने अपनी रणनीति बदलते हुए भारत की ओर रुख किया है। साफ शब्दों में कहें तो कनाडा अब सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नए साझेदार तलाश रहा है।
भारत की ओर क्यों देख रहा है कनाडा
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद इस समय भारत दौरे पर हैं। उन्होंने खुलकर कहा कि अब कनाडा के लिए जरूरी हो गया है कि वह अपने व्यापार को कई देशों में फैलाए। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यही वजह है कि कनाडा को यहां अपार संभावनाएं दिख रही हैं। कनाडा चाहता है कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते और गहरे हों।
ट्रंप की धमकी और कनाडा की सख्त प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि अगर वह चीन के सामान के लिए अमेरिका का ‘ड्रॉप ऑफ पोर्ट’ बना, तो कनाडा के सभी उत्पादों पर सौ प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा। इसके बावजूद कनाडा पीछे नहीं हटा। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी जल्द भारत आने की तैयारी में हैं, जिससे साफ है कि दोनों देशों के रिश्ते नई दिशा में जा सकते हैं।
भारत-कनाडा के बीच किन क्षेत्रों में हो सकती है डील
कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन गोवा में होने वाले एक बड़े ऊर्जा सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। इस दौरान भारत सरकार और उद्योग जगत के साथ अहम बैठकों की संभावना है। दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स, यूरेनियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हो सकती है। कनाडा के पास इन संसाधनों का विशाल भंडार है, जो भारत के लिए काफी अहम हो सकता है।
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अमेरिका-कनाडा रिश्तों में आई खटास की वजह
हालांकि कनाडा का कहना है कि अमेरिका के साथ उसके रिश्ते अब भी मजबूत हैं, लेकिन टैरिफ को लेकर तनाव साफ दिख रहा है। अमेरिका नहीं चाहता कि चीन अपने सस्ते सामान को कनाडा के रास्ते अमेरिकी बाजार में उतारे। वहीं कनाडा अपने निर्यात को अगले दस सालों में अमेरिका से बाहर दोगुना करने की योजना पर काम कर रहा है। यही वजह है कि भारत जैसे देशों के साथ व्यापार बढ़ाना उसकी मजबूरी बन गया है।





