Unique Wedding in Himachal: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों भारी बर्फबारी का दौर चल रहा है, लेकिन शादी का जज्बा हो तो मौसम भी आड़े नहीं आता। मंडी जिले के सराज क्षेत्र से सामने आई यह शादी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। यहां दूल्हा बर्फ से ढकी पहाड़ियों को पार करता हुआ पैदल बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंचा। इस शादी ने यह साबित कर दिया कि सच्ची चाहत के आगे मुश्किलें भी झुक जाती हैं।
बर्फबारी से बंद रास्ते और अंधेरे में विवाह
सराज इलाके में तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी थी, जिससे सड़कें पूरी तरह बंद हो गई थीं। गाड़ियों का निकलना नामुमकिन था और ऊपर से बिजली भी गुल हो गई। ऐसे हालात में शादी टालना आसान विकल्प था, लेकिन दूल्हे गीतेश ठाकुर ने तय तारीख पर ही विवाह करने का फैसला लिया। बिना रोशनी के अंधेरे में ही सभी रस्में निभाई गईं और गांव वालों ने भी पूरा साथ दिया।
सात किलोमीटर पैदल चली बारात
गीतेश ठाकुर बुनालीघर गांव के रहने वाले हैं और उनकी बारात को भैचाड़ी गांव जाना था। भारी बर्फबारी के बावजूद गीतेश अपनी बारात लेकर पैदल निकल पड़े। करीब सात किलोमीटर का सफर बर्फ में चलकर पूरा किया गया। बाराती हंसते गाते, एक दूसरे का सहारा बनते हुए आगे बढ़ते रहे। रास्ते में फिसलन और ठंड थी, लेकिन शादी का जोश सब पर भारी पड़ा।
विदाई के बाद दुल्हन भी पैदल ससुराल पहुंची
शादी के बाद 25 जनवरी की सुबह दुल्हन ऊषा ठाकुर की विदाई हुई। हालात ऐसे थे कि पालकी में ले जाना खतरे से खाली नहीं था। इसलिए दुल्हन, दूल्हा और कुछ परिजन पैदल ही ससुराल की ओर निकले। करीब दो घंटे चढ़ाई और चार घंटे पैदल चलने के बाद सभी बुनालीघर गांव पहुंचे। बर्फ से ढके रास्तों पर यह सफर आसान नहीं था, लेकिन सभी ने हिम्मत दिखाई।
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सादगी भरी शादी बनी मिसाल
यह शादी भले ही सादगी से हुई हो, लेकिन हालात की वजह से यह जिंदगी भर याद रहने वाली बन गई। पूरे इलाके में इस अनोखी शादी की चर्चा है और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग दूल्हा दुल्हन के हौसले की तारीफ कर रहे हैं। यह शादी बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो बर्फ, अंधेरा और दूरी भी रिश्तों को नहीं रोक सकते।





