BMC : महाराष्ट्र में नगर निगमों के मेयर पद को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। इस बार बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC की मेयर ओपन कैटेगरी की महिला होंगी। यह फैसला लॉटरी सिस्टम के जरिए लिया गया, जिसमें पूरे राज्य के 29 नगर निगमों के लिए मेयर पद की कैटेगरी तय की गई।
लॉटरी सिस्टम से तय हुआ मेयर का वर्ग
महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने लॉटरी प्रक्रिया के जरिए यह तय किया कि किस नगर निगम में मेयर किस वर्ग से होगा। इस प्रक्रिया के तहत 29 में से 17 नगर निगमों में मेयर पद जनरल कैटेगरी को मिला है। इनमें 9 जगह महिला मेयर और 8 जगह पुरुष मेयर चुने जाएंगे। यह व्यवस्था आरक्षण रोटेशन सिस्टम के तहत की गई है, ताकि हर वर्ग को समय-समय पर मौका मिल सके।
इन शहरों में होंगी महिला मेयर
लॉटरी के नतीजों के मुताबिक इस बार कई बड़े शहरों में महिला मेयर की जिम्मेदारी होगी। मुंबई, पुणे, नवी मुंबई, नागपुर, नासिक, धुले, मालेगांव और मीरा भायंदर जैसे अहम नगर निगमों में ओपन कैटेगरी की महिला मेयर होंगी। इससे साफ है कि इस बार शहरी राजनीति में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी देखने को मिलेगी।
पुरुष मेयर किन शहरों में होंगे
जहां महिला मेयरों का दबदबा रहेगा, वहीं कुछ नगर निगमों में पुरुष मेयर भी चुने जाएंगे। अमरावती, संभाजीनगर, परभणी, वसई विरार, सांगली, सोलापुर, भिवंडी और पिंपरी चिंचवड़ में ओपन कैटेगरी से पुरुष मेयर बनने का रास्ता साफ हुआ है। इन सीटों पर राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।
एससी, एसटी और ओबीसी को भी मिला प्रतिनिधित्व
इस बार आरक्षण के तहत अन्य वर्गों को भी अहम जिम्मेदारी मिली है। ठाणे, जालना और लातूर में अनुसूचित जाति महिला के लिए मेयर पद आरक्षित किया गया है। कल्याण डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति से मेयर चुना जाएगा। वहीं चंद्रपुर में ओबीसी, जबकि अहिल्यानगर, अकोला और जलगांव में ओबीसी महिला के लिए मेयर पद आरक्षित किया गया है।
राजनीतिक समीकरणों में आया बड़ा बदलाव
मेयर पद के आरक्षण और लॉटरी सिस्टम ने सभी राजनीतिक दलों के गणित को बदल दिया है। अब चूंकि मेयर का चुनाव पार्षदों के वोट से होगा, ऐसे में पार्टियों को नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ेगी। कुल मिलाकर इस बार महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में महिला नेतृत्व और सामाजिक संतुलन दोनों की झलक साफ दिखाई दे रही है।





