Interesting Facts: भारत में 26 जनवरी का दिन देशभक्ति, संविधान और लोकतंत्र का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस को बड़े गर्व और धूमधाम से मनाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अपना गणतंत्र दिवस कब मनाता है और क्या वहां भी इसे इसी नाम से जाना जाता है। आज हम आपको इसी से जुड़ा एक दिलचस्प और कम जाना गया सच बता रहे हैं।
भारत के गणतंत्र दिवस की खासियत क्या है
भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था, जिसके बाद देश पूरी तरह गणतंत्र बना। हर साल इस दिन दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड होती है। सेना की ताकत, सांस्कृतिक झांकियां और वायुसेना का शानदार फ्लाईपास्ट लोगों को गर्व से भर देता है। इस बार भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जिसमें वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने की थीम रखी गई है।
पाकिस्तान को संविधान लागू करने में क्यों लगे 9 साल
भारत की तरह पाकिस्तान को भी संविधान लागू करने में लंबा समय लगा। पाकिस्तान को 1947 में आजादी मिली थी, लेकिन वहां 9 साल बाद 23 मार्च 1956 को संविधान लागू हो सका। इसी दिन पाकिस्तान ने खुद को आधिकारिक रूप से इस्लामिक रिपब्लिक घोषित किया। राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष के चलते वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था बार बार प्रभावित होती रही।
पाकिस्तान में गणतंत्र दिवस को क्या कहते हैं
भारत में जहां 26 जनवरी को रिपब्लिक डे कहा जाता है, वहीं पाकिस्तान में 23 मार्च को रिपब्लिक डे नहीं कहा जाता। वहां इस दिन को पाकिस्तान डे या फिर यौम ए पाकिस्तान के नाम से जाना जाता है। इस दिन इस्लामाबाद में सैन्य परेड, झंडारोहण और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो काफी हद तक भारत की परेड जैसे ही होते हैं।
भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस में क्या है फर्क
भारत का गणतंत्र दिवस संविधान और लोकतंत्र की जीत का प्रतीक है, जबकि पाकिस्तान डे वहां के संविधान लागू होने और इस्लामिक गणराज्य बनने की याद दिलाता है। नाम अलग होने के बावजूद दोनों देशों में यह दिन राष्ट्रीय गर्व से जुड़ा हुआ है। फर्क सिर्फ इतना है कि भारत में इसे गणतंत्र दिवस कहा जाता है, जबकि पाकिस्तान में यह पहचान पाकिस्तान डे के रूप में है।





