IPL 2026 से पहले मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खिताब जीतने के बाद जहां फैंस जश्न में डूबे थे, वहीं बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ ने फ्रेंचाइजी को विवादों में घेर दिया। इस घटना में 11 लोगों की मौत के बाद सरकार और बीसीसीआई दोनों ने RCB पर सख्ती बढ़ा दी है।
होम ग्राउंड को लेकर बढ़ी टेंशन
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक, अगर मैच या किसी इवेंट के दौरान स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी आयोजक यानी फ्रेंचाइजी की होगी। यही नियम RCB के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है।
सरकार के नए नियम बने सिरदर्द
सरकार ने स्टेडियम के पास एक जगह को फायर ब्रिगेड की पार्किंग के लिए आरक्षित कर दिया है। पहले इसी जगह पर म्यूजिक सिस्टम और अन्य व्यवस्थाएं की जाती थीं। RCB मैनेजमेंट को डर है कि इतनी सख्ती के बीच मैच कराना जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी वजह से फ्रेंचाइजी अब अपने होम ग्राउंड को लेकर दोबारा सोचने पर मजबूर हो गई है।
मुंबई और रायपुर में हो सकते हैं RCB के मैच
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, RCB पांच मुकाबले नवी मुंबई के डॉ डी वाई पाटिल स्टेडियम में और दो मुकाबले रायपुर में कराने पर विचार कर रही है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बीसीसीआई ने RCB और राजस्थान रॉयल्स को 27 जनवरी तक अपने होम ग्राउंड को लेकर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है।
मुंबई इंडियंस से क्यों मांगनी पड़ी मदद
आईपीएल नियमों के अनुसार, अगर कोई टीम किसी दूसरी फ्रेंचाइजी के शहर में अपने होम मैच खेलना चाहती है, तो उसे उस शहर की फ्रेंचाइजी से एनओसी लेनी होती है। चूंकि डॉ डी वाई पाटिल स्टेडियम मुंबई इंडियंस के क्षेत्र में आता है, इसलिए RCB को MI से अनुमति लेनी होगी। माना जा रहा है कि दोनों टीमों के बीच जल्द बातचीत हो सकती है।
शेड्यूल जारी होने में भी देरी
इन सब के बीच आईपीएल 2026 का शेड्यूल भी अभी जारी नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि चुनावों की वजह से बीसीसीआई फिलहाल शेड्यूल को लेकर अंतिम फैसला नहीं ले पा रही है। ऐसे में RCB की परेशानी और बढ़ गई है।





