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आठनेर में हुआ ऐतिहासिक भव्य हिंदू सम्मेलन,उमड़ा सनातन संस्कृति और हिंदू संगठित शक्ति का महासैलाब
पंच सहस्त्र हिंदुओं ने दो हाथ उठाकर धर्म और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य शिविर एवं महापुरुषों से संबंधित प्रदर्शनी का किया प्रदर्शन
आठनेर।रविवार को पुलिस ग्राउंड आठनेर में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ नगर के श्रीराम मंदिर से विधिवत पूजनअर्चन कर विशाल कलश शोभायात्रा के साथ प्रारंभ हुआ।पारंपरिक मांगलिक वेशभूषा में वाद्ययंत्रो के वादन के साथ शोभायात्रा में हजारों मातृशक्तियां सिर पर कलश एवं भगवा ध्वज लेकर मांगलिक एवं धार्मिक गीतों का गायन करते हुए विशाल शोभा यात्रा में सम्मिलित हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।शोभायात्रा आगे आदिवासी लोक नृत्य समूह के साथ ट्रेक्टरो,बग्घी,घोड़ों पर चल रही श्री राम मंदिर अयोध्या,महात्मा ज्योतिबा फुले,समाज सुधारक अन्नाभाऊ साठे,मां कर्मादेवी,झांसी की रानी लक्ष्मीबाई सहित अन्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।विभिन्न ग्रामों से आई आदिवासी लोक नृत्य की पार्टियों एवं झांकियो ने नगरवासियों का मन मोह लिया।विशाल शोभायात्रा का समापन कार्यक्रम स्थल पुलिस ग्राउंड में हुआ।जहां कार्यक्रम स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था।महापुरुषों के छायाचित्र,सुंदर रंगोलिया एवं भगवा पताकाओ से परिसर को सुसज्जित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर समाज सेवा के उद्देश्य स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें हजारों व्यक्तियों ने निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर दवाई प्राप्त कर स्वास्थ्य लाभ लिया।सर्वप्रथम कार्यक्रम में भजन मंडलियों एवं विभिन्न विद्यालयों से आई सांस्कृतिक,धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रस्तुतियों एवं आदिवासी नृत्यो से कार्यक्रम में समा बांध दिया।विधिवत मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के पूजन अर्चन दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ किया गया।अतिथि परिचय एवं स्वागत के पश्चात ब्रह्मकुमारी परिवार से पधारी बी के अर्चना दीदी ने परिवार में मां को प्रथम गुरु बताते हुए अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने पर जोर दिया।सामाजिक वक्ता के रूप में मारोतीराव तायडे ने समरसता पर अपने विचार प्रकट करते हुए संगठित समाज के महत्व को समझाया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नर्मदापुरम के विभाग प्रचारक नरेंद्र यादव ने भारत के गौरवशाली इतिहास एवं अवनति के कारणों को उल्लेखित करते हुए कहा कि कलयुग में संगठन ही शक्ति है।सकल हिंदू समाज को जाति वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर,धर्मानुरूप जीवन निर्वहन करते हुए संगठित समाज का निर्माण कर देश को परम वैभव पर आरूढ़ करने हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए।अपने व्यक्तिगत निजी स्वार्थों को भुलाकर समरस एवं संगठित समाज का निर्माण कर राष्ट्र को मजबूत बनाना है।उन्होंने राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन के महत्व को समझाया।मुख्य वक्ता उद्बोधन के पश्चात उपस्थित सकल हिंदू समाज के द्वारा भारत माता की सामूहिक आरती की गई।कार्यक्रम का समापन उपस्थित जन समुदाय द्वारा एक पंगत में बैठकर समरसता भोज ग्रहण कर एवं जाति वर्ग को मिटाकर समरस संगठित हिंदू समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता के संकल्प के साथ किया गया।हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के देवेंद्र जैन ने सभी शैक्षणिक,शासकीय संस्थानों,सकल टेंट व्यवसायी,डी जे साउंड संचालक,सकल व्यापारी संघ एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी ज्ञात अज्ञात लोगों का मंच से आभार व्यक्त किया।





