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अर्द्धवार्षिक परीक्षा के 20 अंक जोड़ने की व्यवस्था खत्म, 60 नंबर लिखित और 20 नंबर प्रोजेक्ट के रहेंगे

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खबरवाणी

अर्द्धवार्षिक परीक्षा के 20 अंक जोड़ने की व्यवस्था खत्म, 60 नंबर लिखित और 20 नंबर प्रोजेक्ट के रहेंगे

आमला शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सत्र 5वीं-8वीं में अब 100 की जगह 80 अंक का रहेगा प्रश्नपत्र

आमला शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 की कक्षा पांचवी एवं आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां राज्य शिक्षा विभाग द्वारा पूरी कर ली गई है राज्य शिक्षा विभाग की दिशा निर्देशानुसार इस बार परीक्षाओं में अहम बदलाव किए गए हैं जिससे विद्यार्थियों को को बड़ी राहत मिली है बोर्ड परीक्षा फरवरी माह में आयोजित होगी और इस वर्ष प्रश्न पत्र के अंकों में कटौती की गई है कक्षा पाचवी व आठवीं का प्रश्न पत्र 100 अंकों के स्थान पर 80 अंकों के होंगे। अब तक बोर्ड पैटर्न की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र 100 अंक की होती थी जिसमें से 20 तक अर्धवार्षिक परीक्षा के अधिभार के रूप में जोड़े जाते थे लेकिन
शिक्षा सत्र 2025-26 समाप्त कर दी गई है अर्धवार्षिक परीक्षा के 20 के अंक बोर्ड परीक्षा में नहीं जोड़े जाएंगे प्रश्न पत्र 80 अंकों का होगा जिसमें 60 अंक लिखित परीक्षा की और 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे बोर्ड पैटर्न परीक्षा की व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार विद्यार्थी इस सिस्टम से परीक्षा देंगे

कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षाएं फरवरी से होगी प्रारंभ

कक्षा पांचवी की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी जबकि कक्षा आठवीं की परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगी दोनों कक्षाओं की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक एक ही शिफ्ट में होगी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के लिए राज्य शासन द्वारा बोर्ड के पैटर्न वार्षिक परीक्षाओं के टाइम टेबल जारी कर दिए गए हैं

कक्षा 5वीं की बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि कक्षा 8वीं की परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक एक ही शिफ्टों में होंगी। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के लिए बोर्ड पैटर्न वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल भी जारी कर दिया गया है।

दिव्यांग विद्यार्थियों को मिले विशेष विकल्प

वर्ष 2025-26 मैं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं पिछले कुछ वर्षों से दिव्यांग बच्चों के अंग्रेजी विचार को लेकर असमंजस में थे क्योंकि अंग्रेजी भाषा अब सभी के लिए अनिवार्य हो गई थी इस वर्ष विद्यार्थियों को विषय के चयन को लेकर राहत दी गई है दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को गणित के स्थान पर संगीत विषय चुनने का विकल्प दिया गया है वही मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए तृतीय भाषा के स्थान पर चित्रकला विषय का विकल्प उपलब्ध कराया गया है शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव विद्यार्थियों पर परीक्षा का बोझ कब होगा और विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओ के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा

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