ONGC : आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले से एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। यहां ONGC के एक तेल कुएं में अचानक जबरदस्त धमाका हो गया, जिसके बाद आग की ऊंची लपटें आसमान तक उठती नजर आईं। इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और प्रशासन को एहतियातन आसपास के कई गांव खाली कराने पड़े।
इरुमुसुमंदा गांव में कैसे शुरू हुआ खौफनाक मंजर
राजोले इलाके के इरुमुसुमंदा गांव में ONGC के इस तेल कुएं पर मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक कुएं से कच्चा तेल और गैस तेज दबाव के साथ बाहर निकलने लगी। कुछ ही पलों में गैस ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग बेकाबू हो गई। आग की लपटें सैकड़ों फीट ऊपर तक जाती दिखीं, जिससे गांववालों में दहशत फैल गई।
आग की लपटें देख गांववालों में मची भगदड़
जैसे ही धमाके की आवाज आई और आग भड़की, लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। धुएं और गैस की वजह से चारों तरफ धुंध छा गई। लोग अपने मवेशियों के साथ खेतों की ओर भागते नजर आए। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की। हालात इतने खराब थे कि लोगों को घरों में बिजली और गैस चूल्हा जलाने तक से मना कर दिया गया।
तीन गांव खाली, प्रशासन अलर्ट मोड में
धमाके के तुरंत बाद राजस्व विभाग, पंचायत अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर आसपास के तीन गांवों को खाली करा लिया गया। इलाके की बिजली सप्लाई काट दी गई ताकि कोई चिंगारी और बड़ा हादसा न कर दे। जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था भी की जा रही है।
ONGC की टीम आग पर काबू पाने में जुटी
ONGC की विशेषज्ञ टीम और दमकल विभाग लगातार आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। हाई प्रेशर फायर पंप से आग को ठंडा किया जा रहा है। इंजीनियर कुएं के मुहाने को सील करने की तैयारी में लगे हैं। यह इलाका कृष्णा गोदावरी बेसिन का हिस्सा है, जहां गैस का दबाव काफी ज्यादा रहता है, इसी वजह से स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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कब तक सामान्य होंगे हालात
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक गैस का दबाव पूरी तरह कम नहीं हो जाता या गैस जलकर खत्म नहीं हो जाती, तब तक खतरा बना रहेगा। फिलहाल पूरे इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।





