12 साल पहले 8 मार्च 2014 की रात दुनिया ने एक ऐसा विमान हादसा देखा, जो आज भी सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वह अचानक रडार से गायब हो गई। इस विमान में 227 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। अब 12 साल बाद एक बार फिर इस विमान की खोज शुरू की गई है। सवाल यह है कि आखिर इतनी लंबी खामोशी के बाद दोबारा तलाश क्यों शुरू हुई।
MH370 कैसे हुआ था गायब
MH370 ने 8 मार्च 2014 को रात 2 बजकर 41 मिनट पर उड़ान भरी थी। कुछ देर बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इसका संपर्क टूट गया। शुरुआती जांच में माना गया कि विमान का आखिरी ठिकाना हिंद महासागर का दक्षिणी हिस्सा था, जो ऑस्ट्रेलिया के पास पड़ता है। इसके बाद कई देशों ने मिलकर बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया, लेकिन विमान का कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
तीन साल तक चला था सर्च ऑपरेशन
2014 से 2017 तक मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने मिलकर करीब 1 लाख 20 हजार वर्ग किलोमीटर समुद्री इलाके में खोज की। यह इलाका बेहद दुर्गम माना जाता है, जहां समुद्र की गहराई, पहाड़ और ज्वालामुखी मौजूद हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद विमान का मलबा नहीं मिला और जनवरी 2017 में यह अभियान रोकना पड़ा।
12 साल बाद फिर क्यों शुरू हुई तलाश
31 दिसंबर 2025 को MH370 की खोज दोबारा शुरू कर दी गई। इस बार अमेरिकी कंपनी ओशन इन्फिनिटी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। मलेशियाई सरकार के साथ हुए समझौते के मुताबिक अगर विमान का मलबा मिलता है तो कंपनी को 70 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे, और अगर कुछ नहीं मिला तो सरकार को एक भी रुपया नहीं देना होगा। इसी वजह से इसे नो फाइंड नो फीस मॉडल कहा जा रहा है।
नई तकनीक से मिलेगी उम्मीद
इस बार की खोज पुराने तरीकों से अलग है। ओशन इन्फिनिटी ने सैटेलाइट डेटा, समुद्री धाराओं और ड्रिफ्ट मॉडलिंग का गहराई से अध्ययन किया है। इसके आधार पर एक नई और ज्यादा सटीक जगह चुनी गई है। खोज में अत्याधुनिक AUV यानी ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स का इस्तेमाल होगा, जो 6000 मीटर से ज्यादा गहराई तक जा सकते हैं।
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पीड़ित परिवारों के लिए उम्मीद की किरण
MH370 में सवार 239 लोगों के परिवार पिछले 12 साल से सच जानने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। खासकर चीन के 153 यात्रियों के परिजनों ने हमेशा खोज दोबारा शुरू करने की मांग की। यह नया अभियान उनके लिए एक आखिरी उम्मीद की तरह है, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उनके अपनों के साथ आखिर हुआ क्या था।
कुल मिलाकर MH370 की दोबारा शुरू हुई खोज न सिर्फ एक विमान की तलाश है, बल्कि यह उन सैकड़ों परिवारों के दर्द को जवाब देने की कोशिश भी है, जो 12 साल से अधूरी कहानी का अंत चाहते हैं।





