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मां तापी के जयकारों के साथ निकली मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा यात्रा
पदयात्री 63 दिन में करेंगे 2000 किमी का सफर तय
मुलताई। मां ताप्ती की उदगम स्थली मुलताई से निकलकर गुजरात के सूरत समुद्र संगम डुमस तक पहुचकर वापस मुलताई आने वाली सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा का शुभारंभ शुक्रवार को मां ताप्ती मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ ताप्ती जलकलश लेकर ताप्ती सरोवर की परिक्रमा कर कुंड गली से होते हुए अपने पहले पड़ाव मरही माता मंदिर से मंजिल की ओर बाजे गाजे के साथ रवाना हुई। यात्रा में सैकडों की संख्या में श्रद्धालु मरही माता मंदिर तक पहुचे। मरही माता मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसादी ग्रहण करने ये बाद यात्रा ज्ञानेश्वर शिव मंदिर की ओर रवाना हुई।
संपूर्ण परिक्रमा के शामिल रहेंगे 55 पदयात्री
मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा के संयोजक राजू पाटनकर एवं सौरभ जोशी ने बताया वैसे तो यात्रा में प्रतिदिन सैकडों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यात्री एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव तक पहुचकर अपनी यात्रा पूरी करते हैं तो कुछ श्रद्धालु 2 दिन से 5 दिनों तक शामिल रहते हैं वहीं कुछ यात्री 10 दिनों की यात्रा करते है। लेकिन सम्पूर्ण परिक्रमा में इस बार 55 पदयात्री शामिल हो रहे है जो कि ताप्ती नदी के दुर्गम रास्तों से नयनाभिराम दृश्यों को निहारते हुए मुलताई से सूरत समुद्र संगम तक पहुचकर वहां से वापस मुलताई तक 2000 किमी का सफर तय करेंगे।पदयात्रा में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी गुजरात के पदयात्री पूरी यात्रा में शामिल रहेंगे।
यात्रा पर पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
यात्रा मां ताप्ती सरोवर की परिक्रमा कर अपनी मंजिल की ओर रवाना हुई। इस दौरान नगरवासियों द्वारा अपने अपने घरों के सामने रांगोली डालकर,पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्टाल लगाकर पदयात्रियों को स्वल्पाहार कराकर चाय भी वितरित की।
पदयात्रा ताप्ती नदी के दक्षिण तट से प्रारंभ होकर उत्तरी तट से आएगी वापस
मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा मुलताई से निकलकर ताप्ती नदी के उत्तरी तट से होते हुए 1 फरवरी 2024 को डुमस पहुचेगी। जहाँ रात्रि में समुद्र संगम डुमस में रात्रि विश्राम होगा। 2 फरवरी को समुद्र तट हजीरा से वापस होकर यात्रा 4 मार्च को शाम 6 बजे उदगम स्थल ताप्ती तट पहुचेगी। जहां यात्रा का समापन होगा।






