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एक माह से तेंदुआ पकड़ से बाहर, भौंरा में दहशत बरकरार
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम फिलहाल अन्य ऑपरेशन में, लौटने पर तेज होंगे प्रयास
भौंरा। नगर के आसपास पिछले एक माह से तेंदुए की सक्रिय मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। रहवासी इलाकों और मुख्य सड़कों के आसपास तेंदुए की आवाजाही के बीच अब तक उसे पकड़ने में वन विभाग को सफलता नहीं मिल सकी है। हाल ही में माता मोहल्ला के करीब स्थित रहवासी क्षेत्र में गाय का शिकार होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में चार पिंजरे लगाए हैं। पिंजरों में चारे के साथ कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। कैमरा ट्रैप में तेंदुआ कई बार पिंजरों के आसपास घूमता दिखाई दिया है, लेकिन हर बार भीतर जाने से बच निकल रहा है। नई तकनीक से तैयार पिंजरा भी लगाया गया, पर वह भी अब तक कारगर साबित नहीं हो सका है।
रेस्क्यू टीम फिलहाल अन्य स्थान पर तैनात
भौंरा परिक्षेत्र अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि वर्तमान में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को किसी अन्य क्षेत्र में टाइगर रेस्क्यू के लिए हाथियों के साथ भेजा गया है। इसी कारण फिलहाल वही टीम भौंरा क्षेत्र में तेंदुए के रेस्क्यू में शामिल नहीं हो पा रही है। जैसे ही टीम वापस लौटेगी, यहां तेंदुए को पकड़ने के प्रयास फिर से तेज किए जाएंगे।
ग्रामीणों की बढ़ती चिंता
ग्राम भौंरा निवासी महेंद्र सिरोठिया ने कहा कि तेंदुआ अब गांव के बीच तक आ गया है। गाय का शिकार घरों के पास हुआ, इससे लोग बहुत डरे हुए हैं। बच्चों और महिलाओं को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है।
वहीं स्थानीय निवासी अजय मिश्रा ने चिंता जताते हुए कहा रात होते ही पूरा इलाका सन्नाटे में चला जाता है। लोग डर के कारण अपने घरों में कैद हो रहे हैं। जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक यह डर बना रहेगा।
सतर्कता की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को रात के समय बाहर न निकलने, मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में नियमित गश्त और पिंजरों की निगरानी जारी है
इंतजार में गांव
एक माह से तेंदुए का न पकड़ा जाना और रेस्क्यू टीम का फिलहाल अन्य ऑपरेशन में व्यस्त होना ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ा रहा है। अब गांववासियों को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के लौटने और तेंदुए के जल्द पकड़ में आने का इंतजार है, ताकि भौंरा में फैला भय का माहौल खत्म हो सके।





