सर्दियों के मौसम में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ जाती हैं। ठंडी हवा, कोहरा, धुंध और बढ़ता प्रदूषण सांस की नली पर सीधा असर डालता है। ऐसे में योग गुरु Swami Ramdev ने फेफड़ों को मजबूत रखने और एलर्जी से बचने के कुछ देसी और आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप सर्दियों में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
फेफड़ों को साफ करने का देसी काढ़ा
स्वामी रामदेव के अनुसार सुबह खाली पेट एक खास गर्म काढ़ा पीने से फेफड़ों की सूजन कम होती है और सांस लेना आसान हो जाता है। इस काढ़े को बनाने के लिए प्याज के टुकड़े, संतरे और नींबू के स्लाइस, अदरक, तेजपत्ता और दालचीनी को पानी में उबालें। करीब 15 मिनट तक उबालने के बाद इसका एक कप पी लें। यह काढ़ा गले को आराम देता है और फेफड़ों में जमा गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है।
सर्दियों में क्यों बढ़ती हैं सांस की दिक्कतें
ठंड के मौसम में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। धुंध और स्मॉग की वजह से आंखों में जलन, गले में खराश, सूखी खांसी, सीने में दर्द और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और दमा के मरीजों को इस मौसम में खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि निमोनिया और टीबी का खतरा भी बढ़ जाता है।
बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना है खतरनाक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है। गलत दवाइयों से बीमारी ठीक होने की बजाय और गंभीर हो सकती है। इसलिए सांस की दिक्कत, सीने में जकड़न या तेज खांसी होने पर खुद से दवा न लें, बल्कि डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।
प्रदूषण से बचने के देसी उपाय
स्वामी रामदेव के अनुसार सर्दियों में बुजुर्गों और बच्चों को बेवजह बाहर नहीं निकलना चाहिए। बाहर जाएं तो मास्क पहनें। घर में साफ हवा के लिए एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें। खट्टे, ठंडे और सॉफ्ट ड्रिंक से दूरी बनाएं। आंवला, फल-सब्जियां और पौष्टिक भोजन लें। गले में खराश हो तो गरारे करें और नाक बंद हो तो भाप लें।
एलर्जी और नशे से छुटकारे के रामबाण नुस्खे
एलर्जी से राहत के लिए बादाम, काली मिर्च और मिश्री को पीसकर चूर्ण बना लें और रोज एक चम्मच दूध के साथ लें। वहीं तंबाकू और सिगरेट की लत छोड़ने में हल्दी, लौंग, काली मिर्च, अजवाइन और पुदीना काफी असरदार माने जाते हैं। अजवाइन का अर्क बनाकर भोजन के बाद पीने से नशे की आदत भी धीरे-धीरे छूटने लगती है।





