Shani Dhaiya 2026 ज्योतिष में शनि ढैय्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है। ठीक शनि साढ़ेसाती की तरह ही शनि ढैय्या को भी कष्टदायक माना जाता है। साल 2026 में शनि ढैय्या का असर खासतौर पर सिंह और धनु राशि वालों पर बना हुआ है। ऐसे में इन दोनों राशियों के जातक जानना चाहते हैं कि आखिर उन्हें शनि ढैय्या से राहत कब मिलेगी और उनका अच्छा समय कब शुरू होगा।
शनि ढैय्या क्या होती है और क्यों होती है परेशानी?
शनि को कर्मफल दाता कहा जाता है। जब किसी व्यक्ति पर शनि ढैय्या चलती है, तो शनि उसके कर्मों की परीक्षा लेते हैं। इस दौरान जीवन में रुकावटें, देरी, मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि ज्योतिष के अनुसार शनि ढैय्या हर किसी के लिए अशुभ नहीं होती। अगर कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में हों, तो यह समय व्यक्ति को अनुशासन, मेहनत और धैर्य सिखाकर आगे बढ़ने का मौका भी देता है।
सिंह राशि को शनि ढैय्या से कब मिलेगी राहत?
सिंह राशि वालों के लिए शनि ढैय्या का असर फिलहाल जारी है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 जून 2027 को सिंह राशि को शनि ढैय्या से अस्थायी राहत मिलेगी। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। 20 अक्टूबर 2027 से सिंह राशि फिर से शनि ढैय्या की चपेट में आ जाएगी, जो 23 फरवरी 2028 तक चलेगी। यानी सिंह राशि वालों को पूरी तरह राहत 23 फरवरी 2028 के बाद ही मिलेगी।
धनु राशि वालों के लिए शनि ढैय्या का समय
धनु राशि वालों की स्थिति भी सिंह राशि जैसी ही है। शनि ढैय्या का प्रभाव धनु राशि पर भी बना रहेगा। धनु राशि के जातकों को भी 23 फरवरी 2028 तक सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान सोच-समझकर फैसले लेना, धैर्य बनाए रखना और गलत रास्तों से दूर रहना बेहद जरूरी होगा। मेहनत और ईमानदारी से किया गया काम आगे चलकर अच्छे फल जरूर देगा।
सिंह और धनु राशि का सुनहरा दौर कब शुरू होगा?
सिंह और धनु राशि वालों के लिए 23 फरवरी 2028 से सुनहरा समय शुरू होगा। इस दिन के बाद शनि ढैय्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इसके बाद रुके हुए काम बनने लगेंगे, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, कारोबार में तेजी आएगी और नौकरी में तरक्की के योग बनेंगे। लंबे समय से जो सपने अधूरे रह गए थे, उन्हें पूरा करने का मौका मिलेगा।
शनि ढैय्या में करें ये आसान देसी उपाय
शनि ढैय्या के दौरान कुछ सरल उपाय अपनाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। हर शनिवार जरूरतमंद को दान करें। नियमित रूप से शनि चालीसा का पाठ करें। भगवान हनुमान की पूजा करें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। गरीबों, बुजुर्गों और असहाय लोगों की मदद करें। ऐसा करने से शनि की कृपा बनी रहती है और कठिन समय भी आसानी से कट जाता है।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जाए तो शनि ढैय्या डरने का नहीं, बल्कि खुद को सुधारने और मजबूत बनाने का समय है। सही कर्म और सच्ची मेहनत से यह दौर भी सफलता में बदल सकता है।





