Weak Heart Signs: अच्छी सेहत के लिए दिल का मजबूत होना बेहद जरूरी है। लेकिन दिल एक दिन में खराब नहीं होता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर को संकेत देने लगता है कि कुछ गड़बड़ है। जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सिंह सलुंके के मुताबिक, अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
झुकते ही सांस फूलना (Bendopnea)
अगर आप जूते पहनने या कुछ उठाने के लिए आगे झुकते ही 10–15 सेकंड में सांस फूलने लगे, और सीधे खड़े होते ही राहत मिल जाए, तो यह दिल के कमजोर होने का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में बेंडोप्निया कहा जाता है।
खाना खाने के बाद ज्यादा थकान और सीने में भारीपन
खाना खाने के बाद हल्की सुस्ती आना आम है, लेकिन अगर हर बार खाने के बाद बहुत ज्यादा थकावट, सीने में दबाव, घबराहट या चक्कर आने लगे, तो इसे हल्के में न लें। यह संकेत देता है कि दिल शरीर की जरूरत के मुताबिक खून पंप नहीं कर पा रहा।
थोड़ा खाने पर ही पेट फूलना
अगर कम खाने के बाद भी पेट भरा-भरा और फूला हुआ महसूस हो, तो यह पाचन की नहीं, बल्कि दिल से जुड़ी समस्या हो सकती है। कमजोर दिल की वजह से पाचन तंत्र तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता, जिससे यह परेशानी होती है।
शाम होते-होते पैरों में सूजन
दिन ढलते-ढलते अगर पैरों में सूजन आने लगे और मोज़े के निशान गहरे दिखने लगें, तो यह हार्ट फेल्योर का अहम संकेत हो सकता है। इसका मतलब है कि शरीर में फ्लूइड जमा हो रहा है, जिसे दिल सही से बाहर नहीं निकाल पा रहा।
लेटते ही घबराहट या खांसी (Orthopnea)
अगर सीधे लेटते ही सांस घुटने लगे, बेचैनी हो या बिना सर्दी-खांसी के अचानक खांसने लगें, तो यह स्थिति ऑर्थोप्निया कहलाती है। यह भी कमजोर दिल का गंभीर संकेत माना जाता है।
दिल कमजोर होने के कारण क्या हो सकते हैं?
डॉक्टरों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट वाल्व की बीमारी, ज्यादा शराब पीना, धूम्रपान, लगातार तनाव और परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास – ये सभी दिल को कमजोर बना सकते हैं।
बचाव और इलाज क्या है?
अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत हार्ट स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। साथ ही रोजाना हल्की एक्सरसाइज, कम नमक वाला खाना, दिल के लिए फायदेमंद डाइट, तनाव से दूरी और शराब-सिगरेट से परहेज दिल को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।





