Bangladesh Water Discovery: बांग्लादेश इस समय कई अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है। कहीं धार्मिक तनाव है तो कहीं राजनीतिक अस्थिरता। इसके अलावा, देश के बड़े हिस्से में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत भी बनी हुई है। खासकर तटीय इलाकों में हालात और ज्यादा खराब हैं, जहां भूजल खारा हो चुका है। लेकिन इसी बीच वैज्ञानिकों की एक खोज ने देश को बड़ी राहत की उम्मीद दी है।
जमीन के नीचे छिपा था 20 हजार साल पुराना मीठा पानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के तटीय इलाके में वैज्ञानिकों ने जमीन के सैकड़ों मीटर नीचे मीठे पानी का विशाल भंडार खोज निकाला है। यह पानी हजारों साल से धरती के नीचे सुरक्षित बंद था। रिसर्च बताती है कि यह जलस्रोत करीब 20,000 साल पुराना हो सकता है, जिसे समुद्री खारे पानी की परतों ने ऊपर से ढक रखा था।
कहां और किसने की यह अहम खोज
यह खोज कोलंबिया क्लाइमेट स्कूल के लैमॉन्ट-डोहर्टी अर्थ ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिकों ने की है। रिसर्च टीम ने यह मीठा पानी पुस्सुर नदी के पास खोजा, जो गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के करीब है। इस खोज को प्रतिष्ठित जर्नल Nature Communications में भी प्रकाशित किया गया है, जिससे इसकी वैज्ञानिक विश्वसनीयता और बढ़ जाती है।
कितना बड़ा है यह जल भंडार
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस खोज में दो बड़े जलाशय सामने आए हैं।उत्तरी जलाशय करीब 800 मीटर गहरा और 40 किलोमीटर लंबा है, जबकि दक्षिणी जलाशय 250 मीटर गहरा और लगभग 40 किलोमीटर लंबा है। दोनों को मिलाकर इसमें करीब 10 अरब घन मीटर पानी जमा है, जो लगभग 40 लाख ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल के बराबर है।
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लाखों लोगों के लिए बन सकता है जीवनदान
यह खोज बांग्लादेश के लिए बेहद अहम है, क्योंकि देश की लगभग 41 प्रतिशत आबादी को आज भी साफ पीने का पानी नहीं मिल पाता। कई इलाकों में पानी या तो खारा है या फिर आर्सेनिक से दूषित। ऐसे में यह मीठा पानी का भंडार तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है।




