Gold vs Silver 2026: साल 2025 की बात करें तो कीमती धातुओं ने निवेशकों की झोली भर दी। सोने ने करीब 78% का शानदार रिटर्न दिया, वहीं चांदी ने 144% की जबरदस्त छलांग लगाकर सबको चौंका दिया। MCX पर सोना दिसंबर 2024 में करीब 75 हजार रुपये था, जो दिसंबर 2025 तक 1.38 लाख रुपये के पार पहुंच गया। वहीं चांदी 85 हजार से बढ़कर 2.22 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इसी दौरान शेयर बाजार का निफ्टी सिर्फ 10% ही बढ़ सका।
2026 में गोल्ड क्यों रहेगा मजबूत दांव?
निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता रहा है। वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच सोना पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार 2026 में भी सोना लंबी अवधि के लिए अच्छा विकल्प बना रहेगा, खासकर उन निवेशकों के लिए जो कम रिस्क में भरोसेमंद रिटर्न चाहते हैं।
चांदी क्यों दे सकती है ज्यादा रिटर्न?
चांदी की सबसे बड़ी ताकत है इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड। इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और नई टेक्नोलॉजी में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 2026 में भी चांदी में तेजी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है, इसलिए इसमें रिस्क भी थोड़ा ज्यादा है।
SIP से निवेश करना क्यों है समझदारी?
चाहे सोना हो या चांदी, SIP के जरिए निवेश करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जा रहा है। SIP से आप बाजार की तेजी-मंदी दोनों का फायदा उठा सकते हैं और एक साथ बड़ी रकम लगाने का जोखिम नहीं रहता। खासकर चांदी में SIP निवेश से वोलैटिलिटी का असर कम हो जाता है।
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2026 में किसे चुनें – गोल्ड या सिल्वर?
अगर आप स्थिर और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो सोना आपके लिए बेहतर है। वहीं, अगर आप थोड़ा रिस्क लेकर ज्यादा मुनाफा कमाने की सोच रखते हैं, तो चांदी एक अच्छा विकल्प बन सकती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि 2026 में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में दोनों धातुओं को संतुलित तरीके से शामिल करें।





