दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनी Samsung भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को और विस्तार देने जा रही है। अब सिर्फ स्मार्टफोन असेंबल करने तक सीमित न रहकर, कंपनी डिस्प्ले और चिप जैसे अहम कंपोनेंट्स भी भारत में ही बनाने की तैयारी कर रही है। इससे “मेक इन इंडिया” को बड़ा बल मिलेगा और भारत टेक मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत हब बन सकता है।
PLI स्कीम के लिए सरकार से मांगी मंजूरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग ने भारत सरकार से Production Linked Incentive (PLI) स्कीम के तहत आवेदन किया है। कंपनी डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI का लाभ लेना चाहती है और साथ ही चिप प्रोडक्शन की योजना पर भी काम कर रही है। जैसे ही सरकार से मंजूरी मिलती है, भारत में डिस्प्ले और चिप बनाने का प्लांट शुरू किया जाएगा।
नोएडा प्लांट बनेगा टेक्नोलॉजी का बड़ा सेंटर
सैमसंग का नोएडा स्मार्टफोन प्लांट पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। यहां बजट से लेकर प्रीमियम स्मार्टफोन तक बनाए जाते हैं। अब इसी प्लांट में डिस्प्ले और चिप मैन्युफैक्चरिंग शुरू होने की संभावना है। अभी तक कंपनी इन कंपोनेंट्स को दक्षिण कोरिया और वियतनाम से मंगवाती थी।
रोजगार और भारतीय बाजार को मिलेगा फायदा
भारत में डिस्प्ले और चिप बनने से हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, सैमसंग द्वारा बनाए गए ये कंपोनेंट्स न सिर्फ अपने स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होंगे, बल्कि अन्य मोबाइल कंपनियों (OEMs) को भी सप्लाई किए जाएंगे। इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन और मजबूत होगी।
सैमसंग पहले से है डिस्प्ले और चिप का महारथी
सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर कंपनियों में से एक है। यह कंपनी स्मार्टफोन के अलावा टैबलेट, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के लिए भी डिस्प्ले बनाती है। चिप मैन्युफैक्चरिंग में भी सैमसंग का नाम टॉप पर आता है। भारत में यह यूनिट लगने से देश को ग्लोबल टेक मैप पर और मजबूती मिलेगी।
भारत के लिए क्यों है यह कदम अहम?
सैमसंग का यह फैसला भारत को चीन का मजबूत विकल्प बनाने में मदद करेगा। “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के सपने को यह कदम नई रफ्तार देगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले समय में भारत टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन सकता है।





