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न्यायालय में रजनीश जैन की दमदार दलीलें, एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज
बैतूल।कोतवाली बैतूल में दर्ज चर्चित साइबर फ्रॉड प्रकरण (अपराध क्रमांक 1064/2025) में माननीय सत्र न्यायालय बैतूल से आज बड़ी राहत की खबर सामने आई है। न्यायालय ने आरोपी ब्रजेश महाजन को सशर्त जमानत प्रदान करने का आदेश पारित किया।
यह राहत बैतूल जिले के वरिष्ठ एवं प्रख्यात अधिवक्ता एडवोकेट रजनीश जैन की प्रभावशाली, तथ्यपरक और सशक्त पैरवी का परिणाम मानी जा रही है।
कोई ठोस प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता रजनीश जैन ने न्यायालय के समक्ष स्पष्ट तर्क रखा कि आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संदेह पर आधारित हैं। प्रकरण में कोई ठोस एवं प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी दलील दी कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में है, जांच का प्रमुख हिस्सा पूर्ण हो चुका है तथा आरोपी के फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है।
न्यायालय की टिप्पणी
माननीय सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि जमानत के स्तर पर प्रकरण के गुण-दोषों पर अंतिम निर्णय नहीं किया जा सकता। ऐसे में आरोपी को अनावश्यक रूप से कारावास में रखना उचित नहीं होगा।
इसके पश्चात न्यायालय ने आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके एवं 50,000 रुपये की जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया।
अधिवक्ता रजनीश जैन की हो रही सराहना
इस आदेश के बाद विधि जगत में अधिवक्ता रजनीश जैन की कार्यशैली की व्यापक सराहना की जा रही है। जटिल साइबर अपराध मामलों में उनकी गहरी कानूनी समझ, संतुलित रणनीति और प्रभावी बहस एक बार फिर सामने आई है।
उन्हें क्षेत्र में एक निडर, अनुभवी और परिणाम दिलाने वाले अधिवक्ता के रूप में जाना जाता है।
यह आदेश न केवल आरोपी के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मजबूत कानूनी तर्क और कुशल अधिवक्ता की भूमिका न्याय की दिशा तय करने में निर्णायक होती है।





