Summary- Best Sleeping Side: दिनभर की थकान के बाद रात को चैन की नींद मिल जाए, तो अगली सुबह शरीर और दिमाग दोनों तरोताज़ा रहते हैं। 7–8 घंटे की गहरी नींद न सिर्फ ऊर्जा देती है, बल्कि पाचन, हार्मोन बैलेंस और मानसिक शांति के लिए भी जरूरी होती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सोने की करवट और पोजीशन भी नींद की क्वालिटी पर असर डालती है। आयुर्वेद में इसे बेहद अहम माना गया है।
किस करवट सोना सबसे फायदेमंद माना जाता है
एक्सपर्ट और आयुर्वेदाचार्य आचार्य मनीष जी के अनुसार, बाईं करवट (Left Side) सोना सबसे बेहतर माना जाता है। इस करवट सोने से शरीर ज्यादा रिलैक्स होता है और नींद गहरी आती है। इससे पाचन तंत्र बेहतर, एसिड रिफ्लक्स में कमी और दिल पर दबाव भी कम पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी बाईं करवट सोना ज्यादा फायदेमंद बताया जाता है।
पीठ के बल सोने के फायदे और सावधानियां
पीठ के बल सोना (Back Sleeping) भी अच्छी नींद के लिए सही पोजीशन मानी जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और बॉडी पोस्टर सुधरता है। जिन लोगों को कमर दर्द या गर्दन दर्द की शिकायत रहती है, उनके लिए यह पोजीशन फायदेमंद हो सकती है। हालांकि जिन लोगों को खर्राटे या स्लीप एपनिया की समस्या है, उन्हें इस पोजीशन से बचना चाहिए।
पेट के बल सोने से क्यों बचना चाहिए
पेट के बल सोना (Stomach Sleeping) सेहत के लिए सबसे खराब माना जाता है। इससे गर्दन और रीढ़ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे दर्द की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक इस पोजीशन में सोने से नींद की क्वालिटी भी खराब होती है और सुबह उठते समय थकान महसूस होती है।
गहरी और सुकून भरी नींद के देसी उपाय
अच्छी नींद के लिए सही करवट के साथ-साथ कुछ आदतें भी जरूरी हैं। अपने शरीर के अनुसार सही गद्दा और तकिया चुनें। बिस्तर की चादर मुलायम हो, जिससे आराम मिले। रोज़ एक तय समय पर सोने और उठने की आदत डालें। कमरे में अंधेरा और शांति रखें और सोने से पहले मोबाइल या शराब से दूरी बनाएं। ये छोटे-छोटे उपाय नींद को गहरा और सुकून भरा बना देते हैं।





