BSF Constable Recruitment Rules: नए साल से पहले केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को बड़ी राहत दी है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। गृह मंत्रालय ने इसके लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत सेवा दी है और अब स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।
अब 50% आरक्षण, सीधी भर्ती का रास्ता साफ
पहले BSF कांस्टेबल भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को सिर्फ 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता था, लेकिन अब यह बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यही नहीं, पूर्व अग्निवीरों की सीधी भर्ती होगी और उन्हें फिजिकल टेस्ट (PST और PET) देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का मानना है कि अग्निवीर पहले से ही प्रशिक्षित और अनुशासित होते हैं, इसलिए उन्हें अतिरिक्त परीक्षा से छूट दी गई है।
उम्र सीमा में भी खास छूट
नए नियमों के तहत सामान्य उम्मीदवारों के लिए BSF कांस्टेबल भर्ती की उम्र सीमा 18 से 23 साल तय है। लेकिन पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को इसमें 5 साल की छूट दी जाएगी। इसके बाद आने वाले अग्निवीरों को 3 साल की उम्र छूट मिलेगी। यानी उम्र अब नौकरी के रास्ते में रुकावट नहीं बनेगी।
हर साल ऐसे होगी भर्ती की प्रक्रिया
सरकार के मुताबिक, हर साल BSF में होने वाली भर्तियों में 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों से भरे जाएंगे। इसके अलावा 10 प्रतिशत आरक्षण पूर्व सैनिकों के लिए और 3 प्रतिशत आरक्षण ट्रेड्समैन के लिए रखा गया है। करीब 47 प्रतिशत भर्ती SSC (Staff Selection Commission) के जरिए होगी, जबकि बाकी सीटें नोडल फोर्स द्वारा भरी जाएंगी। पहले चरण में खाली बची सीटें दूसरे चरण में भरी जाएंगी।
महिलाओं की भर्ती भी जरूरत के अनुसार
BSF कांस्टेबल भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है, जो सामान्य उम्मीदवारों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों—तीनों पर लागू होगी। महिला उम्मीदवारों की संख्या BSF के महानिदेशक (DG BSF) जरूरत के अनुसार तय करेंगे। इससे महिला उम्मीदवारों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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अग्निपथ योजना से मिलेगा स्थायी करियर
सरकार का मकसद साफ है—अग्निपथ योजना के तहत चार साल सेवा देने के बाद युवाओं को CAPF और असम राइफल्स में स्थायी नौकरी का रास्ता देना। इससे सुरक्षा बलों को भी पहले से प्रशिक्षित, अनुभवी और फिट जवान मिलेंगे।यानी कुल मिलाकर, यह फैसला पूर्व अग्निवीरों के लिए नए साल का सबसे बड़ा तोहफा साबित हो सकता है।





