Piles Disease: बवासीर जिसे आम भाषा में पाइल्स भी कहा जाता है, आजकल एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह बीमारी बन चुकी है। इस रोग में गुदा मार्ग की नसें फूल जाती हैं, जिससे उठना-बैठना, शौच जाना और रोजमर्रा का काम करना भी मुश्किल हो जाता है। समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
पाइल्स क्या होती है और इसमें क्या परेशानी होती है
पाइल्स में गुदा के अंदर या बाहर छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। इन गांठों की वजह से खुजली, जलन, दर्द और कई बार खून आना शुरू हो जाता है। शौच के समय जोर लगाने पर दर्द और ज्यादा बढ़ जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
किस चीज की कमी से होती है बवासीर
बवासीर होने की सबसे बड़ी वजह शरीर में फाइबर और पानी की कमी मानी जाती है। जब खानपान में फाइबर कम होता है और पानी कम पिया जाता है, तो कब्ज की समस्या पैदा होती है। कब्ज के कारण शौच के समय ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे गुदा की नसों पर दबाव पड़ता है और वे सूज जाती हैं।
पाइल्स होने के मुख्य कारण
लगातार कब्ज रहना
फाइबर युक्त भोजन न करना
दिनभर बैठकर काम करना
बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना
शौच के समय ज्यादा देर तक बैठना
इन आदतों की वजह से पाइल्स का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पाइल्स के लक्षण क्या होते हैं
गुदा के आसपास तेज खुजली
जलन और चुभन जैसा दर्द
शौच के समय या बाद में खून आना
गांठ या सूजन महसूस होना
बैठने में परेशानी
अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो लापरवाही बिल्कुल न करें।
बवासीर में क्या खाएं ताकि आराम मिले
अगर आप पाइल्स से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो खाने-पीने पर खास ध्यान देना जरूरी है।
फल जरूर खाएं जैसे सेब, पपीता, केला, अमरूद, संतरा और अंजीर।
हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, लौकी, तोरी, गाजर और फलियां पेट को साफ रखती हैं।
साबुत अनाज जैसे दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी और दालें बहुत फायदेमंद होती हैं।
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि कब्ज न हो।
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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर घरेलू उपाय और सही खानपान के बावजूद खून आना बंद न हो, दर्द बहुत ज्यादा हो या गांठ बढ़ती जाए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर इलाज से बवासीर पूरी तरह काबू में आ सकती है।
थोड़ा सा खानपान सुधारा जाए और दिनचर्या सही रखी जाए, तो बवासीर जैसी परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।





