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RBI ने इस बैंक पर ठोका 61.95 लाख का जुर्माना, जानिए पूरी वजह

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RBI : भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने पर Kotak Mahindra Bank के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने कोटक महिंद्रा बैंक पर 61.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां एक्ट 2005 के तहत की गई है। RBI का कहना है कि बैंक ने कुछ जरूरी नियमों का पालन नहीं किया, जो ग्राहकों और सिस्टम दोनों के लिए जरूरी हैं।

BSBD अकाउंट को लेकर हुई बड़ी चूक

RBI की जांच में सामने आया कि कोटक महिंद्रा बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के Basic Savings Bank Deposit Account खोल दिए, जिनके पास पहले से ही उसी बैंक में BSBD अकाउंट मौजूद थे। नियम के मुताबिक, एक व्यक्ति के नाम पर एक ही बैंक में एक से ज्यादा जीरो बैलेंस BSBD अकाउंट नहीं खोले जा सकते। इसे सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट को लेकर भी गड़बड़ी

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि बैंक ने अपने Business Correspondents के साथ ऐसे समझौते किए, जो तय दायरे से बाहर थे। RBI के नियमों में साफ लिखा है कि BC किस तरह की सेवाएं दे सकते हैं और किन कामों की उन्हें इजाजत नहीं है। बैंक ने इन निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया।

RBI की जांच में कैसे खुली पोल

यह पूरी गड़बड़ी RBI की Statutory Inspection for Supervisory Evaluation 2024 के दौरान सामने आई। यह जांच 31 मार्च 2024 तक की बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर की गई थी। इसके अलावा, बैंक ने Credit Information Companies Rules 2006 के कुछ प्रावधानों का भी उल्लंघन किया, जो ग्राहकों के क्रेडिट डेटा से जुड़े होते हैं।

सीधे जुर्माना नहीं, पहले मिला नोटिस

RBI ने साफ किया कि उसने तुरंत जुर्माना नहीं लगाया था। पहले बैंक को शो कॉज नोटिस भेजा गया और जवाब मांगा गया। बैंक के जवाब और दस्तावेजों की गहराई से जांच के बाद RBI इस नतीजे पर पहुंचा कि आरोप सही हैं। इसके बाद ही 61.95 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया।

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ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं

RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियमों के पालन में कमी को लेकर की गई है। इससे बैंक के ग्राहकों के लेनदेन या उनके खातों की वैधता पर कोई सवाल नहीं उठता। यानी आम ग्राहक को इससे सीधा नुकसान नहीं होगा, लेकिन बैंक को आगे से नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

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