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कश्मीर से कन्याकुमारी तक साईकिल यात्रा। 25 दिसंबर को प्रारंभ होगी यात्रा का नेतृत्व डॉ. अनंत दुबे करेंगे

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खबरवाणी

कश्मीर से कन्याकुमारी तक साईकिल यात्रा। 25 दिसंबर को प्रारंभ होगी यात्रा का नेतृत्व डॉ. अनंत दुबे करेंगे

नरसिंहपुर। कश्मीर से कन्याकुमारी तक साईकिल यात्रा 25 दिसंबर को प्रारंभ होगी। इस यात्रा का नेतृत्व डॉ. अनंत दुबे करेंगे। जबकि उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता देवेन्द्र दुबे एवं जुगल किशोर शर्मा रहेंगे। तीनों करीब 4000 किमी. की साईकिल यात्रा करेंगे। डॉ. अनंत दुबे ने होटल कुसुमवैली में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि श्रीनगर यात्रा का प्रथम बिन्दु है और 25 दिसंबर से लाल चौक से ही यात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा करीब 11 प्रांतो से होकर निकलेगी जिसमें करीब 45 बड़े शहर पड़ेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर संवाद किया जायेगा । डॉ. अनंत दुबे ने बताया कि पंच परिवर्तन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रस्तवित एक विचार हैं, संघ का यह शताब्दी वर्ष, इन पाँच विषयों के साथ पूरे देश में प्रत्येक परिवार तक पहुंचने का एक संकल्प हैं जिसमें राष्ट्र के सर्वागींण विकास के लिए इन विषयों पर चर्चा हैं । स्व का बोध (आत्म-बोध) और संस्कृति और मूल पहचान के प्रति जागरूकता, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय गौरव की भावना विकशित करना।

(वोकल फार लोकल स्वदेशी को अपनाना)

पर्यावरण सम्पूर्ण जगत को पर्यावरण का संदेश देने के लिए, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, प्लास्टिक के उपयोग से बचना, प्रकृति के साथ सामजस्य स्थापित करना, सामाजिक समरसता सभी (जाति धर्म, क्षेत्र के बीच भेदभाव मिटाकर सदभाव समानता, भाई चारा को बढ़ावा देना (श्मशान, मंदिर, हवा पानी) पर सबका अधिकार यह भावना निर्माण करना, नागरिक कर्तव्य-कानून का पालन सार्वजजिक सम्पत्ति की सुरक्षा, राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करना, कुटुम्ब प्रवोधन संयुक्त परिवार की परम्परा को मजबूत करना बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों का संचार तथा परिवार कों समाज की इकाई के रूप में मजबूत करना। अनंत नरङ्क्षसह संस्थान के डॉ. अनंत दुबे ने बताया कि पंच परिवर्तन विचार का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय भावना के साथ पुन: निर्माण समाज के हर स्तर पर परिवर्तन लाकर राष्ट्र को और मजबूती के साथ सर्मद्ध बनान, स्थायी समाधान केवल उपदेशों और नारों से नहीं चलेगा बल्कि हर व्यक्ति से मिलकर सामान्य चर्चा के साथ स्थायी समाधान खोजना, आत्म निर्भर भारत आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से आम्तनिर्भर भारत का निर्माण है। उक्त मौके पर प्रवेश शंकर शर्मा, देवेन्द्र दुुबे, विनीत नेमा, अनंत पांडे मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि डॉ. अनंत दुबे इसके पहले अनेक बार सकारात्मक संदेश के साथ कई यात्रा कर चुके हैं।

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