UP BJP President Election Schedule: उत्तर प्रदेश में BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अब तस्वीर साफ होने लगी है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। अब से सिर्फ 48 घंटे के अंदर यूपी भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। लखनऊ से अशोक तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, 14 दिसंबर दोपहर 1 बजे नए अध्यक्ष का नाम औपचारिक रूप से घोषित कर दिया जाएगा।
यूपी BJP प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव शेड्यूल जारी
भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने आधिकारिक शेड्यूल जारी किया है। उनके अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 13 दिसंबर को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच भरे जाएंगे।
नामांकन पत्रों की जांच भी उसी दिन 3 से 4 बजे तक होगी।
अगर कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहे, तो उसके लिए समय 13 दिसंबर शाम 4 से 5 बजे तय किया गया है।
हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार सिर्फ एक ही नामांकन होने की संभावना है।
14 दिसंबर को खुलेगा नए अध्यक्ष का नाम
पार्टी ने साफ किया है कि नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान 14 दिसंबर दोपहर 1 बजे किया जाएगा।
यह घोषणा पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में होगी।
नए अध्यक्ष को इसी महीने पदभार भी सौंप दिया जाएगा।
भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए।
कौन-कौन वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद?
पार्टी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार—
- भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े
- प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए नियुक्त केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल
- प्रदेश सह-प्रभारी संजय भाटिया और संजय चौरसिया
- मौजूदा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी
- संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य
ये सभी नेता चुनाव प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहेंगे।
एक नाम पर बनी सहमति – कौन होगा अगला अध्यक्ष?
भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद लंबे समय से नए चेहरे को लेकर चर्चा चल रही थी।
पार्टी के कई दावेदारों के नाम सामने आए, लेकिन अब चुनाव शेड्यूल जारी होने के बाद माना जा रहा है कि हाईकमान ने एक ही नाम पर सहमति बना ली है।
इसी वजह से एकमात्र नामांकन की बात कही जा रही है।
BJP के लिए क्यों अहम है नया अध्यक्ष?
यूपी भाजपा के लिए नया प्रदेश अध्यक्ष रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होगा।
आने वाले नगर निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव 2029 और विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए, अध्यक्ष पार्टी संगठन को मजबूत करने और बूथ लेवल तक पहुंच बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
यही वजह है कि हाईकमान ने बेहद सोच-समझकर यह चुनाव प्रक्रिया तय की है।





