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एमईएस गेट बंद, कर्मचारियों में रोष: कर्मचारियों ने किया गेट के सामने विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों से लेकर मरीजों तक परेशानियां, आवाजाही ठप होने की कगार पर
आमला। वायुसेना आमला द्वारा एमईएस गेट बंद किए जाने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में भारी नाराजगी है। गेट बंद होने से न केवल एमईएस कर्मियों का अंदर–बाहर प्रवेश प्रभावित हुआ है, बल्कि महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि मुख्य दरवाजा बंद रहने से बाहर से लाई गई चिकित्सा सुविधाएं समय पर कैंपस तक नहीं पहुंच पा रहीं। वहीं सफाई कार्य भी बाधित हो रहा है, क्योंकि सफाईकर्मी बाहर से आने पर अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे। इससे कैंपस में कचरा जमने लगा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। स्थानीय रहवासी और कर्मचारी गेट बंद करने के निर्णय को पूरी तरह अव्यवहारिक और जनविरोधी बता रहे हैं।
कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना दिया, कहा—बंदिशें हटें नहीं तो होगा उग्र आंदोलन
परिस्थितियों से त्रस्त एमईएस कर्मचारियों ने गेट बंद करने के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग रखी कि गेट तुरंत खोला जाए, ताकि दैनिक आवागमन सामान्य हो सके। कर्मचारियों का कहना है कि यदि गेट इसी प्रकार बंद रहा तो उन्हें मजबूरन व्यापक आंदोलन करना पड़ेगा। यूनियन ने चेतावनी दी कि समस्या हल न होने पर मुंबई यूनियन के नेतृत्व में बड़ा व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि यह समस्या केवल व्यक्तिगत असुविधा नहीं बल्कि पूरे आवासीय क्षेत्र की दैनिक जरूरतों से जुड़ी है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
यूनियन ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा पूर्व अनुमति के बिना गेट बंद करना अनुचित
एमईएस एम्प्लॉइज यूनियन, मुंबई ब्रांच आमला ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बताया। यूनियन ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना, चर्चा या अनुमति के गेट बंद कर देना नियमों के विरुद्ध है और इससे बड़ी संख्या में परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि अधिकारी इस मामले में कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि कई बार मौखिक और लिखित रूप से गेट खोलने का अनुरोध किया जा चुका है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने से यूनियन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। यूनियन नेतृत्व ने बताया कि समस्या के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर तक यह मामला उठाया जाएगा।





