Parliament Winter Session Day-7: शीतकालीन सत्र के सातवें दिन वंदे मातरम पर बहस और भी तेज हो गई। आज राज्यसभा में यह मुद्दा पूरी तरह छाया रहा, जहां बहस की शुरुआत गृह मंत्री Amit Shah ने की। इसी विषय पर 8 दिसंबर को लोकसभा में चर्चा की शुरुआत स्वयं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने की थी और उसके जवाब में कांग्रेस की ओर से Priyanka Gandhi ने तीखे तर्क रखे थे।
“कांग्रेस के खून में ही विरोध” – अमित शाह का बड़ा बयान
राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वंदे मातरम का अपमान किया है, चाहे वह नेहरू के समय की कांग्रेस हो या आज की।उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद नहीं हैं, जबकि यह विषय देश की आत्मा से जुड़ा है।अमित शाह ने यह भी कहा कि वंदे मातरम ने आजादी की लड़ाई के दौरान हर भारतीय में जोश भरने का काम किया और आज भी इसका महत्व उतना ही है।
“वंदे मातरम सिर्फ बंगाल की आवाज नहीं, पूरे देश की धड़कन”
अमित शाह ने अपने भाषण में बताया कि वंदे मातरम को भले ही बंगाल के लेखक Bankim Chandra Chatterjee ने लिखा, लेकिन यह पूरे भारत की आवाज बना।
देशभर के स्वतंत्रता सेनानियों—चाहे वे श्यामजी कृष्ण वर्मा हों, मदाम कामा हों या वीर सावरकर—ने इसे आजादी का मंत्र बनाया।
उन्होंने कहा कि आज भी जब सीमा पर कोई जवान शहीद होता है तो उसके होंठों पर वंदे मातरम ही होता है।
अगली पीढ़ियों को बताना जरूरी – अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ बेहद गर्व का पल है, और युवा पीढ़ी को इसके इतिहास और योगदान के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।उनका मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को पता होना चाहिए कि देश की आजादी में इस गीत ने कितनी बड़ी भूमिका निभाई। इसी उद्देश्य से संसद में इस पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
शाम को राहुल गांधी देंगे जवाब
दिनभर की बहस के बाद, आज शाम कांग्रेस की ओर से जवाब देंगे Rahul Gandhi। सोमवार को लोकसभा में 60 से अधिक सदस्यों ने इस विषय पर चर्चा की थी, और आज राज्यसभा में यह मुद्दा और तेज हो गया है।देशभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या जवाब देती है।





