Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

Ear Piercing Benefits: कान छिदवाने की परंपरा और इसके धार्मिक–वैज्ञानिक फायदे | देसी हिंदी में पूरा SEO आर्टिकल

By
On:

Ear Piercing Benefits: भारत में कान छिदवाना सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा है। हिंदू संस्कृति में इसे 16 संस्कारों में शामिल किया गया है, जिसे कर्णवेध संस्कार कहा जाता है। पहले यह धार्मिक रीति थी, लेकिन आज लड़कियां ही नहीं लड़के भी कान छिदवा रहे हैं।आयुर्वेद और प्राचीन ग्रंथों में कान छिदवाने के कई शारीरिक और मानसिक फायदे बताए गए हैं। कान छिदवाने के बाद अधिकांश लोग सोने का आभूषण पहनते हैं, जिसे शुभ माना जाता है।

कर्णवेध संस्कार का धार्मिक महत्व

कर्णवेध करते समय विशेष वैदिक मंत्र पढ़ा जाता है —
“भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः…”
इस मंत्र का उद्देश्य बच्चे के जीवन में शुभता, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाना होता है।
परंपरा के अनुसार—

  • लड़कों के पहले दाहिने कान, फिर बायां कान छेदा जाता है।
  • लड़कियों के पहले बाएं कान, फिर दाहिना कान।

आजकल फैशन ट्रेंड के कारण लड़के अक्सर सिर्फ एक कान छिदवाते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से दोनों कान छिदवाना शुभ माना जाता है।

कान छिदवाने के धार्मिक फायदे – कुंडली में केतु की शांति

हिंदू मान्यताओं के अनुसार कान छिदवाने और सोना पहनने से—

  • बच्चों की खुशहाली बढ़ती है
  • जीवन की रुकावटें कम होती हैं
  • करियर में सकारात्मक बदलाव आते हैं
  • यदि कुंडली में केतु कमजोर हो, तो यह प्रक्रिया केतु दोष को शांत करती है

इसी वजह से कई परिवार बच्चों के छोटे होते ही उनका कर्णवेध संस्कार करवाते हैं।

कान छिदवाने के वैज्ञानिक फायदे – आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद और एक्यूपंक्चर के अनुसार कान छिदवाना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है।
इसके फायदे इस प्रकार हैं—

  • आंखों की रोशनी बढ़ती है
    क्योंकि कान के निचले हिस्से में आंखों से जुड़े नर्व पॉइंट होते हैं।
  • एंग्जायटी और स्ट्रेस कम होता है
    क्योंकि छिदवाने के दौरान दबने वाला पॉइंट मन को शांत करता है।
  • लड़कियों की मासिक चक्र में संतुलन आता है
    यह एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को एक्टिव करता है।
  • दिमाग एक्टिव रहता है
    कान छेदने से मानसिक ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ती है।
  • बीमारियों का खतरा कम होता है
    आयुर्वेद के अनुसार यह पॉइंट शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखते हैं।

Read Also:PM Modi का बड़ा बयान: ‘Nation First’ सोच के साथ किए जा रहे हैं सुधार, कहा– भारत नई पहचान के साथ आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है

आज के दौर में कान छिदवाने की जरूरत क्यों बढ़ी?

आज कान छिदवाना सिर्फ परंपरा या फैशन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा एक आसान और प्रभावी तरीका माना जा रहा है।लड़कियां–लड़के दोनों ही इसे एक स्टाइल स्टेटमेंट के साथ-साथ मेडिकल बेनिफिट के कारण भी अपनाते हैं।तनाव भरी लाइफस्टाइल में ऐसे प्राकृतिक तरीके शरीर और दिमाग को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

For Feedback - feedback@example.com

Related News

Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News