दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज में भारत ने 2-1 से शानदार जीत दर्ज की। इस सीरीज का सबसे बड़ा स्टार रहा टीम इंडिया का भरोसेमंद बल्लेबाज़ विराट कोहली, जिसने दो शतकों की बदौलत अपनी पुरानी चमक फिर दिखा दी। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इसी के साथ वह पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज Sanath Jayasuriya को पछाड़कर 12 बार यह अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी बन गए।
“मन में आज जो आज़ादी महसूस हो रही है, वो सालों बाद मिली”
अवॉर्ड मिलने के बाद विराट ने दिल छू लेने वाली बात कही—“सच बताऊँ तो पिछले 2-3 साल में मैंने ऐसा क्रिकेट नहीं खेला। इस सीरीज में मुझे बैटिंग में जो फ्रीडम मिला, वो मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफ़ा है।”उन्होंने कहा कि जब वे बीच में टिककर फ्री माइंड से खेलते हैं, तो टीम को बड़ा फायदा मिलता है और वे किसी भी मैच को मोड़ने में सक्षम होते हैं।
“लंबे करियर में कई बार खुद पर शक भी होता है”
विराट ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा—“15-16 साल खेलते हुए कई बार खुद पर शक हो जाता है। एक गलती और आप आउट।”उन्होंने बताया कि यह सफर खुद को तराशने का है। बल्लेबाज़ी के साथ-साथ इंसान भी मैच्योर होता है—टेंपरामेंट बदलता है, सोच बदलती है और जिम्मेदारी बढ़ती है।विराट बोले, “अच्छी बात है कि आज भी मैं टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूँ। जब मैं फ्री होकर खेलता हूँ, तो बड़े शॉट भी आसानी से निकलते हैं।”
रांची ODI को बताया सबसे खास
विराट कोहली ने रांची में खेले गए पहले ODI को अपने लिए बेहद खास बताया।
उन्होंने कहा—
“ऑस्ट्रेलिया के बाद मैंने कोई मैच नहीं खेला था, इसलिए रांची में ऊर्जा अलग ही लेवल की थी। सीरीज 1-1 होने के बाद आखिरी मैच में कुछ खास करना ही होता है।
तीनों मैच उनके करियर की यादगार सीरीज बन गए।
302 रन… दो शतक… और आक्रामक 65*
इस ODI सीरीज में विराट कोहली ने 302 रन ठोके।
- पहला ODI (रांची): 135 रन
- दूसरा ODI: 102 रन
- तीसरा ODI: 65 रन (45 गेंद)*
सीरीज में वे भारत के सबसे सफल बल्लेबाज़ रहे। उनका फॉर्म देखकर क्रिकेट फैंस फिर कहने लगे—“किंग कोहली इज़ बैक!”





