Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन पर अपनी सख्ती को एक बार फिर बढ़ा दिया है। वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर हुए आतंकी हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए अमेरिका में शरण देने की मंजूरी प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया है। इस फैसले ने लाखों शरणार्थियों और प्रवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
आश्रय आवेदन मंजूरी पर रोक
ट्रंप सरकार ने ऐलान किया कि फिलहाल किसी भी नए आश्रय आवेदन पर फैसला नहीं लिया जाएगा। सरकार के अनुसार यह कदम अमेरिकी सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन यह भी योजना बना रहा है कि तीसरी दुनिया के देशों से आने वाले प्रवासियों को स्थायी रूप से रोकने के लिए नई नीति लागू की जाए।
व्हाइट हाउस के बाहर हमले के बाद सख्ती
बीते दिनों वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के बाहर अफगान शरणार्थी द्वारा की गई फायरिंग ने पूरे अमेरिका को हिला दिया था। इस गोलीबारी में दो नेशनल गार्ड घायल हो गए, जिनमें एक महिला सैनिक भी शामिल हैं। इस घटना को देखते हुए ट्रंप ने कहा कि ऐसे मामले अमेरिकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और तुरंत कड़े कदम उठाने जरूरी हैं।
19 देशों के वीजा और ग्रीन कार्ड की जांच के आदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने तीसरी दुनिया के 19 देशों के नागरिकों को जारी किए गए ग्रीन कार्ड और वीज़ा की पुन: जांच का आदेश दिया है। यह जांच यह पता लगाने के लिए की जा रही है कि कहीं किसी ने गलत तरीके से या फर्जी दस्तावेजों के जरिए अमेरिका में प्रवेश तो नहीं किया। प्रशासन का कहना है कि इस श्रेणी में आने वाले लोगों की गहन स्क्रूटनी की जाएगी।
अफगान शरणार्थियों पर विशेष प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थियों पर विशेष प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही जो 100,000 से अधिक अफगान नागरिक पिछले राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका में आए थे, उनकी भी जांच का आदेश दिया गया है। ट्रंप का दावा है कि अवैध प्रवासी राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं।
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अमेरिका फर्स्ट नीति पर जोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता अमेरिका फर्स्ट एजेंडा है। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों की बढ़ती संख्या अमेरिकी समाज में अस्थिरता ला रही है और इसके लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह रिवर्स माइग्रेशन की नीति पर काम कर रहे हैं और जब तक देश से अवैध रूप से आए लोगों को वापस नहीं भेजा जाता, वह चैन से नहीं बैठेंगे।





