खबरवाणी
बिजली कंपनी के डीजीएम पर लगाए नामांतरण प्रकरण में झूठा शपथपत्र देने के आरोप
पीड़ित व्यक्ति ने की थाने में शिकायत प्रेषित
मुलताई। नगर में स्थित लाईनमेन ट्रेनिगं सेटर की जमीन के नामातंरण में डीजीएम द्वारा तहसीलदार की कोर्ट में झूठा शपथपत्र देने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर नगर के व्यापारी मनोज नान्चू अग्रवाल ने थाने में लिखित शिकायत प्रेषित की है। नान्चू अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया कि तहसीलदार मुलताई के न्यायालय में प्रस्तुत नामातंरण प्रकरण में बिजली कपंनी के डीजीएम द्वारा विक्रय पत्र दिनाकं 27 सितंबर 2025 को बिजली विभाग के पक्ष में भूमि क्रय करने का उल्लेख किया है। इस संबध में 6 अक्टूबर 2025 को उनके द्वारा झूठा शपथपत्र देते हुए लेख किया है कि मुलताई स्थित खसरा नबंर 472,488,489,495 कुल रकबा 1.238 हैक्टयर भूमि बिजली कंपनी द्वारा विक्रय पत्र दिनाकं 27 सितंबर 2025 के माध्यम से विक्रेता रामेश्वरलाल पिता चिरोंजीलाल अग्रवाल से क्रय की है। उक्त भूमि पर बिजली कंपनी का नाम दर्ज करने के लिए डीजीएम द्वारा नामांतरण प्रकरण में शपथपत्र प्रस्तुत किया है। जबकि प्रकरण में पंजीकृत बैनामा प्रस्तुत नहीं किए गए है ना ही बिजली कंपनी के पास ऐसा कोई विक्रय पत्र है,क्योंकि आवेदक के पुर्वज रामेश्वरलाल द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज निष्पादित नही किया गया है। इस प्रकरण में बीते 27 सितंबर 2025 को बिजली कंपनी के पक्ष में एक डिक्री जारी हुई है। जिसमें सिविल प्रक्रिया के तहत निष्पादन याचिका के माध्यम से कोई आदेश प्राप्त नही किया गया है। डीजीएम द्वारा तहसीलदार को गुमराह कर अवांछित लाभ प्राप्त करने के लिए जानबूझकर गलत शपथपत्र देकर झूठे तथ्य प्रस्तुत किए गए है।कानूनी जानकारी रखने वाले लोगो का कहना है कि झूठा शपथपत्र प्रस्तुत करना अपराध की श्रेणी में आता है। आवेदक ने उक्त मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना…..
बिजली कंपनी की जमीन का नामातंरण प्रकरण चल रहा है अनावेदक को नोटिस जारी किए है। जो उपस्थित भी हो चुके है । पुलिस में क्या शिकायत की है यह मुझे नही मालूम ।
डॉं संजय बरैया तहसीलदार मुलताई।
हर पक्ष अपनी कार्यवाही करने में स्वंत्रत है,कोर्ट ने विभाग की जमीन के पक्ष में आदेश किए है। विभाग के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया जारी है।
हितेश वशिष्ठ डीजीएम बिजली कंपनी मुलताई।





