ND vs SA:भारतीय टीम को गुवाहाटी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका से मिली 408 रनों की करारी हार ने फैन्स को हिला कर रख दिया है। 25 साल बाद प्रोटियाज़ ने भारतीय सरज़मीं पर टेस्ट सीरीज़ जीती और टीम इंडिया को इतिहास की सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। ऐसे माहौल में कप्तान शुबमन गिल का पहला बयान सामने आया है, जिसने टीम के हौसले की झलक दिखाई।
गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया की बैटिंग की पोल-पट्टी खुली
दूसरे टेस्ट में 549 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज़ पूरी तरह बिखर गए। मात्र 140 रनों पर टीम ढेर हो गई।
साइमन हार्मर और केशव महाराज की स्पिन जोड़ी ने भारतीय बल्लेबाज़ों को उलझाकर रख दिया। ऐसा लगा जैसे बल्लेबाज़ों में आउट होने की होड़ लगी हो।
लगातार दूसरे टेस्ट में भारतीय बैटिंग लाइन-अप की कमजोरी साफ़ नज़र आई।
गिल का बवाल मचाने वाला बयान — “तूफ़ान ही मज़बूत बनाते हैं!”
हार के बाद शुबमन गिल ने इंस्टाग्राम पर लिखा:
“Calm seas don’t teach you how to sail. Storms only strengthen steady hands. हम एक-दूसरे पर भरोसा रखेंगे, एक-दूसरे के लिए लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। हम और मज़बूत होकर लौटेंगे।”
उनका यह पोस्ट फैन्स के बीच तेजी से वायरल हो रहा है।
चोटिल होने के कारण नहीं खेल पाए थे गिल
पहले टेस्ट में बल्लेबाज़ी करते हुए गिल की गर्दन में अचानक खिंचाव आ गया था।
इसके बाद वह मैदान छोड़कर बाहर गए और दूसरे टेस्ट में हिस्सा नहीं ले पाए।
उनकी गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत को टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गिल ODI सीरीज़ से भी बाहर रह सकते हैं।
इतिहास की सबसे शर्मनाक हार — 408 रन
टीम इंडिया को घरेलू मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी रन-अंतर की हार मिली।
इससे पहले 2004 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 342 रनों से हराया था और 2006 में पाकिस्तान ने 341 रनों से मात दी थी।
लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इस बार सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
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दक्षिण अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी जीत
प्रोटियाज़ की यह जीत भी उनके लिए ऐतिहासिक रही।
2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 492 रनों से जीत के बाद यह उनकी दूसरी सबसे बड़ी जीत है।
साथ ही, 25 साल बाद पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज़ जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने बड़ा कारनामा किया।





