MP News: मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। जहाँ देश के कई हिस्सों में शादी-ब्याह में दहेज की कुरीति अब भी जारी है, वहीं हरदा जिले के कुछ परिवार समाज को नई दिशा देने में जुटे हुए हैं। यहाँ अमीर और सक्षम परिवार खुद आगे आकर दहेज लेने से इनकार कर रहे हैं और लाखों रुपये का शगुन भी वापस कर रहे हैं। हाल ही में एक शादी तो पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गई, जिसमें दूल्हे पक्ष ने सिर्फ एक रुपये में शादी कर दहेज प्रथा के खिलाफ बड़ा संदेश दिया।
सिर्फ 1 रुपये का दहेज, और 11 लाख का शगुन वापस
टिमरनी क्षेत्र के अखरेस परिवार ने समाज में सकारात्मक बदलाव की राह दिखाई है। परिवार ने शादी में दहेज लेने से साफ इनकार किया और केवल एक रुपये की प्रतीकात्मक राशि स्वीकार की। इसके बाद दुल्हन पक्ष द्वारा दिए गए करीब 11 लाख रुपये के पूरे शगुन को लौटा दिया गया। इस कदम ने पूरे जिले में चर्चा पैदा कर दी और लोगों ने इसकी खूब सराहना की।
सरल और संस्कारों से भरी शादी
सुदर्शन अखरेस और जयश्री खोड़े की शादी पूरी सादगी के साथ सम्पन्न हुई। न कोई भव्य आयोजन, न भारी-भरकम दावत—सबकुछ पूरी मर्यादा और सामाजिक मूल्यों के साथ किया गया। दूल्हे के परिवार ने कहा कि बेटियाँ बोझ नहीं होतीं, और शादी को व्यापार बनाना हमारी संस्कृति नहीं है। इस सोच ने इस शादी को खास बना दिया।
दूसरे परिवारों ने भी लौटाए लाखों के तोहफे
इसी क्षेत्र में कुछ और परिवारों ने भी ऐसी ही पहल की है। किसी ने एक रुपये और नारियल लेकर 7 लाख रुपये वापस कर दिए, तो किसी ने शगुन में आए लाखों रुपये लौटा कर समाज में मिसाल कायम की। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद इन परिवारों ने संदेश दिया कि दहेज लेना न सिर्फ गलत है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को बढ़ावा देना भी है।
समाज में बदलती सोच—बेटियाँ बोझ नहीं, मान-सम्मान हैं
इन परिवारों की पहल से इलाके में सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। लोग इसे नई सोच, नई दिशा और दहेज मुक्त समाज की ओर बढ़ने का कदम मान रहे हैं। जहाँ एक ओर शादियों में दिखावा बढ़ता जा रहा है, वहीं टिमरनी की यह शादी साबित करती है कि संस्कार और सोच ही परिवार की असली पहचान होते हैं।





