Bathing Astro Tips: ज्योतिष में नहाना सिर्फ शरीर को साफ करने का तरीका नहीं माना जाता बल्कि यह रोजाना की ऊर्जा को शुद्ध करने और ग्रहों को संतुलित रखने का सबसे आसान उपाय है। कई लोग ठंड या व्यस्तता के कारण नहाने से कतराते हैं लेकिन ऐसा करना ग्रहों को कमजोर करता है और जीवन में अनचाहे नकारात्मक बदलाव ला सकता है। नियमित स्नान से नकारात्मकता दूर होती है और दिन की शुरुआत हल्की और पॉजिटिव होती है।
नहाना छोड़ दें तो कमजोर हो जाता है शुक्र
शुक्र ग्रह सुन्दरता, आकर्षण, वैभव और प्रेम का कारक माना जाता है। जब शरीर पर मैल जमा हो जाए या आप रोज स्नान न करें, तो ज्योतिष अनुसार शुक्र कमजोर होने लगता है। इसका असर सबसे पहले चेहरे की चमक पर दिखता है। आकर्षण कम होता है, रिश्तों में तनाव बढ़ता है और आर्थिक अवसर भी प्रभावित होते हैं। इसलिए शुक्र को मजबूत रखने के लिए नियमित नहाना बेहद जरूरी है।
मन और नींद को शांत करता है चंद्रमा का स्नान योग
चंद्रमा मन, भावनाओं और नींद का स्वामी है। अगर कई दिनों तक स्नान न किया जाए, तो चंद्रमा की शांति कमजोर पड़ने लगती है। इसका असर बेचैनी, चिड़चिड़ापन, नेगेटिव सोच और अनिद्रा के रूप में दिखता है। सुबह का स्नान मन को तुरंत शांत करता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखता है।
शरीर की गंदगी बढ़ाए राहु का प्रभाव
राहु गंदगी, अव्यवस्था और भ्रम का ग्रह माना जाता है। शरीर या वातावरण में गंदगी बढ़ने पर राहु का अशुभ प्रभाव सक्रिय होने लगता है। इससे अचानक विवाद, बाधाएं, दुर्घटना का डर और आत्मविश्वास में गिरावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नहाना सिर्फ शरीर नहीं बल्कि ऊर्जा को भी शुद्ध करता है और राहु के असर को कम करता है।
लग्नेश को मजबूत करता है रोज का स्नान
ज्योतिष अनुसार जो व्यक्ति रोज स्नान करता है उसका लग्नेश यानी ascendant lord मजबूत होता है। इससे व्यक्तित्व में निखार आता है, ऑरा तेज होती है और बुरी नजर का प्रभाव कम होता है। नियमित स्नान शनिदेव और मंगल के प्रभाव को भी संतुलित करता है जिससे मेहनत, साहस और सेहत पर अच्छा असर पड़ता है।
Read Also:अयोध्या में झंडारोहण के बाद PM मोदी बोले सदियों के घाव भर रहे हैं पढ़ें पूरा भाषण देसी अंदाज़ में
गंगाजल और मंत्र से बढ़ाएं स्नान का प्रभाव
अगर स्नान के जल में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें तो इसका लाभ कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि इससे पाप नष्ट होते हैं और पुण्य बढ़ता है। स्नान के समय गंगे च यमुने चैव मंत्र बोलना और स्नान के बाद चंदन या केसर का तिलक लगाना सूर्य और चंद्र दोनों ग्रहों को मजबूत करता है और पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है।





