बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई सरकार बनने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक से पहले ही एक खास फेसबुक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने साफ कहा है कि अगला पांच साल युवाओं को नौकरी और रोज़गार देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है। उनका कहना है कि 2020 से 2025 के बीच सात निश्चय दो के तहत पचास लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां और रोजगार दिए गए हैं। अब सरकार का लक्ष्य है कि 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नौकरियां और रोजगार के मौके तैयार किए जाएं।
नई एज टेक अर्थव्यवस्था बनाने की तैयारी
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को तेज विकास की राह पर ले जाने के लिए नई एज टेक्नोलॉजी और सर्विस बेस्ड इकॉनमी तैयार की जाएगी। इसके लिए बिहार से जुड़े बड़े उद्यमियों से सलाह लेकर नीतियां बनाई जाएंगी। साथ ही अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों की मदद से बिहार को वैश्विक बैक एंड हब और ग्लोबल वर्कप्लेस बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जाएंगे।
युवाओं की ताकत से बदलेगा बिहार का भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी शक्ति उसका युवा वर्ग है। अगर इस ऊर्जा को सही दिशा मिले तो बिहार देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य बन सकता है। इसी सोच के साथ बिहार को पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसमें डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी बनाने पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।
चीनी मिलों से लेकर एआई मिशन तक नई नीतियों की शुरुआत
राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और नई मिलें खोलने की योजना भी तैयार कर ली है। इसके साथ ही बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी ताकि शहरों में विकास, सौंदर्यीकरण और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। इन सभी योजनाओं को लागू कराने और लगातार मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।
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औद्योगिक विकास में मिलेगी और तेजी
नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में उद्योगों की रफ्तार तेज हुई है। नई सरकार अब बड़े स्तर पर उद्योग बसाने के लिए दोगुनी गति से काम करेगी। बिहार में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अच्छी सड़कें, बेहतर बिजली, पानी और स्किल्ड मानव संसाधन जैसी सुविधाएं अब उपलब्ध हैं। इसी आधार पर आने वाले पांच साल में रोजगार और उद्योग दोनों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी है।





