पटनाः बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव फिर से नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। यह फैसला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की विधायक दल की बैठक में लिया गया। तेजस्वी को RJD विधायक दल का लीडर चुना गया, जो उनकी विपक्ष में सक्रिय भूमिका को फिर आईना दिखाता है। बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती जैसे वरिष्ठ नेता और पार्टी के चुने हुए विधायक मौजूद थे।
हार के बाद पार्टी भीतर उठे सवाल
बैठक में RJD चुनाव में मिली हार की गहराई से समीक्षा की गई। पार्टी के नेता इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि किन कारणों से चुनाव में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न हो पाया। यह हार सिर्फ एक राजनीतिक झटका नहीं रही, बल्कि पार्टी के अंदरूनी रिश्तों में भी तनाव को जन्म दिया है। लालू परिवार के भीतर मतभेद फिर से खबरों में आए हैं और पार्टी की रणनीति पर गहरी सोच जारी है।
लालू परिवार में उठी बातें, रोहिणी की आलोचनाएँ
बैठक के बाद रोहिणी आचार्य ने पार्टी की हार की गंभीरता पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने हार की ज़िम्मेदारी लेने से बचने के लिए उन्हें दूर कर दिया। रोहिणी का कहना है कि तेजस्वी के बेहद नज़दीकी लोग, जैसे संजय यादव और रमीज़, उन्हें समर्थन नहीं दे रहे। इस प्रकार पार्टी के अंदरूनी समन्वय और राजनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विधायक दल का मनोबल बनाए रखने की चुनौतियाँ
RJD के लिए तेजस्वी का नेता चुना जाना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, ताकि पार्टी में टैगड़ी विपक्षी ताकत के रूप में बने रहे। लेकिन हार के बाद विधायक दल के मनोबल को फिर से उठाना उसकी बड़ी चुनौतियों में से एक है। तेजस्वी पर यह दबाव रहेगा कि वह पार्टी को नई ऊर्जा दें, रणनीति तय करें और अगले विधानसभा चुनाव के लिए बेहतर आधार तैयार करें।
Read Also:Golden Passport क्या होता है और क्यों है इतनी चर्चा में
विपक्षी भूमिका में RJD की नई राह
तेजस्वी यादव के नेता प्रतिपक्ष बनने से RJD की विपक्षी भूमिका और भी मजबूत हो सकती है। विधानसभा में वे सरकार के हर कदम पर सवाल उठा सकते हैं और विपक्षी दलों को जोड़कर रणनीति बना सकते हैं। उनकी अगुवाई में RJD यह प्रयास करेगी कि वे विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सरकार को टक्कर दें। आगे आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी और उनकी टीम भाजपा-जे डी यू गठबंधन की नीतियों को कितनी चुनौतिपूर्ण आलोचना दे पाती है।





