IND vs SA पहला टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन में सिर्फ तीन दिनों में खत्म हो गया, जहां दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को 30 रन से हरा दिया। यह दक्षिण अफ्रीका की भारत में 15 साल बाद पहली टेस्ट जीत थी। इस मैच में टीम इंडिया को अपने कप्तान शुभमन गिल की कमी काफी खली, जो गर्दन में चोट की वजह से दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं कर सके। अब उनकी चोट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
अस्पताल से डिस्चार्ज, गिल की तबीयत में सुधार
शुभमन गिल को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ईडन गार्डन में 30 रन की हार के बाद क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली खुद अस्पताल पहुंचे और शुभमन गिल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। गिल को मैच के दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान गर्दन में तेज दर्द हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीसरे दिन सुबह ही गिल को टेस्ट मैच से बाहर कर दिया गया और वे दूसरी पारी में भी नहीं उतर सके, जिसमें टीम इंडिया सिर्फ 93 रन पर ढेर हो गई।
दूसरे टेस्ट में खेलेंगे या नहीं, फैसला अभी बाकी
टीम इंडिया मैनेजमेंट ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि शुभमन गिल गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से शुरू होना है। टीम इंडिया मंगलवार को गुवाहाटी के लिए रवाना होगी, उसके बाद ही मेडिकल टीम गिल की फिटनेस पर अंतिम निर्णय लेगी।
पिच को लेकर गांगुली ने उठाए सवाल
सौरव गांगुली ने ईडन गार्डन की पिच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श पिच नहीं थी, लेकिन टीम इंडिया को 124 रनों का लक्ष्य हासिल कर लेना चाहिए था। गांगुली ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है, पिच बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन भारत को जीतना चाहिए था। उन्होंने टीम इंडिया को सलाह देते हुए कहा कि टेस्ट मैच पांच दिन तक चलने चाहिए, तीन दिन में नहीं खत्म होने चाहिए।
भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की क्षमता पर फिर सवाल
यह हार भारत की घरेलू मैदान पर पिछले छह टेस्ट में चौथी हार है। इससे पहले टीम इंडिया को पिछले साल न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पुणे और मुंबई की स्पिन पिचों पर 0–3 से हार मिली थी। एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। कोलकाता में भी बल्लेबाज आसान लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रहे, जिससे टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया की रणनीति पर गंभीर बहस छिड़ गई है।




