Donald Trump Tariff Cut: अमेरिका में बढ़ती महंगाई के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों को बड़ी राहत दी है। ट्रंप ने काफी, चाय, बीफ, मसाले, जूस, मौसमी फल, एवोकाडो, कोको, नारियल, पाइनएप्पल, केले, टमाटर, संतरे सहित कई आयातित खाद्य उत्पादों पर लगने वाले भारी टैरिफ में कटौती कर दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर इसका ऐलान किया।
13 नवंबर से लागू हुए नए टैरिफ नियम
नई टैरिफ दरें 13 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गई हैं। सरकार ने उन सामानों पर शुल्क घटाया है जो अमेरिका में या तो पैदा नहीं होते या बेहद कम मात्रा में उपलब्ध हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर सीधे असर पड़ेगा, खासकर उन सामानों पर जो अमेरिका बड़े पैमाने पर लैटिन अमेरिकी देशों और एशिया से आयात करता है।
बीफ और कॉफी आयात पर था भारी असर
अमेरिका में बीफ की कीमतें काफी समय से आसमान पर थीं, क्योंकि पशुओं की संख्या कम होने से घरेलू उत्पादन घट गया था। जबकि ब्राज़ील बीफ का बड़ा निर्यातक देश है, लेकिन भारी टैरिफ की वजह से आयात कम हो गया और कीमतें बढ़ती गईं। इसी तरह कॉफी पर भी पहले कुल 50% तक टैरिफ लगाया गया, जिसके चलते कॉफी की कीमतें और सप्लाई दोनों प्रभावित हुईं।
हालाँकि, अब बीफ पर 10% टैरिफ हटा दिया गया है, लेकिन ब्राज़ीलियन बीफ पर अभी भी 40% पेनल्टी टैरिफ लागू रहेगा।
महंगाई से राहत की उम्मीद
महंगाई के कारण अमेरिकियों की जेब पर बड़ा असर पड़ा था। खाद्य पदार्थों पर भारी आयात शुल्क की वजह से किराना बिल, होटल-रेस्टोरेंट, कैफे और जूस सेंटर तक महंगे हो गए थे। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ कम होने से आने वाले समय में मार्केट में सप्लाई सुधरेगी और खाने-पीने की चीज़ें सस्ती हो सकती हैं।
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ट्रंप सरकार पर राजनीतिक दबाव भी था
रिपब्लिकन पार्टी को हाल ही में स्थानीय चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि डेमोक्रेट्स ने बड़ी जीत दर्ज की थी। माना जा रहा है कि जनता की नाराज़गी दूर करने के लिए ट्रंप ने यह फैसला लिया। इससे पहले भी वे इक्वाडोर, अर्जेंटीना, ग्वाटेमाला, एल सल्वाडोर जैसे देशों के साथ कृषि आयात पर टैरिफ कम करने के समझौते कर चुके हैं।





