IRCTC: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को आरजेडी सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव व उनकी पत्नी राबड़ी देवी की याचिका को खारिज कर दिया। ये याचिका IRCTC होटल घोटाला मामले में रोजाना सुनवाई के खिलाफ दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका कानूनी रूप से टिकाऊ, व्यावहारिक या उचित नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।
कोर्ट ने कहा- याचिका अस्वीकार्य और अनुचित
स्पेशल सीबीआई जज विशाल गोगणे ने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी की मांग — कि मामले की सुनवाई हफ्ते में एक बार हो — स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने साफ कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही आदेश दिया है कि ऐसे मामलों की सुनवाई रोजाना होनी चाहिए ताकि ट्रायल में देरी न हो।
सीबीआई की ओर से सीनियर एडवोकेट डीपी सिंह ने भी इस याचिका का विरोध किया और कहा कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों में कोर्ट को तेजी से सुनवाई करनी चाहिए।
अभियोजन गवाहों की जिरह के लिए पर्याप्त समय दिया गया
लालू यादव की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि केस से जुड़े करीब 18,000 दस्तावेज हैं और चार्जशीट 250 पन्नों की है, जिन्हें समझने में समय लगेगा। लेकिन कोर्ट ने कहा कि जिरह के लिए पर्याप्त समय पहले ही दिया जा चुका है। कोर्ट ने यह भी बताया कि रोजाना सुनवाई का मकसद ट्रायल को जल्द खत्म करना है।
क्या है IRCTC होटल घोटाले का मामला
यह केस उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। आरोप है कि उस दौरान आईआरसीटीसी के दो होटलों – बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी की गई।सीबीआई के मुताबिक, यह ठेका सुझाता होटल्स नाम की कंपनी को दिया गया, जिसके मालिक विजय और विनय कोचर हैं। बदले में लालू यादव को तीन एकड़ जमीन एक बेनामी कंपनी के जरिए दी गई।
सीबीआई ने 2017 में दर्ज की थी रिपोर्ट, 2018 में दाखिल हुई चार्जशीट
7 जुलाई 2017 को सीबीआई ने लालू यादव और परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद पटना, दिल्ली, रांची और गुरुग्राम में 12 ठिकानों पर छापेमारी हुई।2018 में एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल की और अब केस ट्रायल स्टेज पर है। कोर्ट ने साफ कहा है कि गवाहों की पूछताछ और जिरह रोजाना होगी ताकि मामला जल्द निपट सके।
यह फैसला लालू प्रसाद यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब बिहार में चुनावी माहौल चरम पर है और आरजेडी पार्टी अपनी साख बचाने की कोशिश में जुटी है। कोर्ट के इस आदेश से अब IRCTC होटल घोटाला केस की सुनवाई और तेज होगी।





