Remedies For Arthritis: सर्दियों का मौसम आते ही गठिया और जोड़ों का दर्द (Arthritis Pain) फिर से परेशान करने लगता है। सुबह उठते ही शरीर में जकड़न महसूस होना, घुटनों में सूजन और चलने-फिरने में दर्द – ये सब गठिया के आम लक्षण हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बथुआ (Bathua) जैसी साधारण हरी सब्जी इस दर्द को कम करने में बेहद कारगर साबित हो सकती है? आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. उपासना ने बताया है कि कैसे बथुआ का रस गठिया के दर्द में राहत देता है।
गठिया के दर्द में क्यों फायदेमंद है बथुआ
डॉ. उपासना के अनुसार, बथुआ एक औषधीय हरी सब्जी है, जो शरीर की सूजन और दर्द को कम करती है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्शियम और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं और जोड़ों की जकड़न (Stiffness) को कम करते हैं। सर्दियों के मौसम में रोज़ाना बथुआ का रस पीने से शरीर की अकड़न में काफी राहत मिलती है।
कैसे बनाएं बथुआ का जूस
बथुआ का जूस घर पर बनाना बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले बथुआ के पत्तों को अच्छी तरह धो लें। फिर इसे मिक्सर में डालें और आधा कप पानी, थोड़ा सा अदरक और हल्दी डालकर पीस लें। जब यह पेस्ट बन जाए, तो इसे छलनी से छान लें और इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाएं। सुबह खाली पेट इसे पीने से गठिया का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है।
कब और कैसे पिएं बथुआ जूस
डॉ. उपासना सलाह देती हैं कि गठिया के मरीजों को दिन में दो बार — सुबह और शाम को लगभग 50ml बथुआ का रस पीना चाहिए। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं। अगर इसे लगातार 10-15 दिन तक पिया जाए तो सूजन और जकड़न में बहुत सुधार दिखाई देगा।
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अन्य देसी नुस्खे भी अपनाएं
सिर्फ बथुआ ही नहीं, गठिया के मरीजों को सर्दियों में गुनगुना पानी, हल्दी वाला दूध और सरसों के तेल की हल्की मालिश भी करनी चाहिए। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में जमा यूरिक एसिड बाहर निकलने में मदद मिलती है।






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