Spinal Cancer Symptoms in Hindi: सर्दियां आते ही लोगों को पीठ, कमर और जोड़ों का दर्द परेशान करने लगता है। अक्सर लोग इसे ठंडी हवा या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा के अनुसार, अगर यह दर्द लगातार बना रहता है, तो यह सिर्फ ठंड का असर नहीं, बल्कि स्पाइनल कैंसर (Spinal Cord Cancer) का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ऐसे दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्या है स्पाइनल कैंसर?
डॉ. गौरव बत्रा (मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली) बताते हैं कि स्पाइनल कैंसर दो प्रकार का होता है – प्राइमरी (Primary) और सेकेंडरी (Secondary)।
प्राइमरी स्पाइनल कैंसर में कैंसर कोशिकाएं सीधे रीढ़ की हड्डी या उसके ऊतकों में बनती हैं। इनमें ऑस्टियोसारकोमा, कॉर्डोमा और मायलोमा जैसी स्थितियां शामिल हैं।
वहीं सेकेंडरी स्पाइनल कैंसर में शरीर के किसी अन्य अंग (जैसे फेफड़े, लिवर या ब्रेस्ट) में बने कैंसर सेल स्पाइनल कॉर्ड तक फैल जाते हैं।
कैसे फैलता है स्पाइनल कैंसर?
डॉक्टर बताते हैं कि जब कैंसर कोशिकाएं हड्डियों तक पहुंचती हैं, तो वे वहां ट्यूमर (Tumor) का रूप ले लेती हैं।
यह ट्यूमर हड्डियों को कमजोर कर देता है और स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव डालता है, जिससे दर्द, झनझनाहट या पैरालिसिस (Paralysis) तक की समस्या हो सकती है।अगर दर्द लंबे समय तक रहे या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
स्पाइनल कैंसर के लक्षण
- लगातार पीठ या गर्दन में दर्द रहना
- हाथों और पैरों में झनझनाहट या कमजोरी
- चलने में कठिनाई या संतुलन खोना
- मौसम बदलते ही हड्डियों में दर्द बढ़ना
- बिना वजह वजन घटना या थकान रहना
ये सभी लक्षण सामान्य दर्द जैसे लग सकते हैं, लेकिन अगर यह हफ्तों तक जारी रहें तो स्पाइनल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
सर्दियों में हड्डियों का दर्द क्यों बढ़ता है?
ठंड के मौसम में शरीर की मसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। इससे रीढ़ के आसपास के टिश्यू कठोर (Stiff) हो जाते हैं और दर्द बढ़ जाता है।
जो लोग पहले से स्लिप डिस्क, स्पॉन्डिलाइटिस या साइटिका जैसी समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें सर्दियों में ज्यादा दिक्कत महसूस होती है।
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दर्द कम करने के आसान उपाय
- शरीर को गर्म रखें और ठंडी हवा से बचें।
- रोजाना हल्की कसरत या योगासन करें।
- बैठते या उठते समय सही पोस्चर बनाए रखें।
- दर्द वाली जगह पर गर्म सेंक (Hot Compress) करें।
- संतुलित आहार लें और खूब पानी पिएं।
- सर्दियों में आरामदायक और सही जूते पहनें।





