Health Benefits Of Clay Pots: आजकल ज्यादातर लोग नॉन-स्टिक बर्तनों में खाना बनाना पसंद करते हैं, क्योंकि ये दिखने में स्टाइलिश और समय बचाने वाले होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी के बर्तन (Clay Pots) में खाना बनाना सेहत के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है? हमारे पुराने जमाने के लोग सिर्फ मिट्टी के बर्तन में ही खाना बनाते थे, जिससे स्वाद भी लाजवाब होता था और सेहत भी दुरुस्त रहती थी। आइए जानते हैं मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के 5 बड़े फायदे।
पोषक तत्व रहते हैं बरकरार
मिट्टी के बर्तन में खाना धीमी आंच पर पकता है, जिससे खाने के विटामिन, मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स नष्ट नहीं होते। यही वजह है कि मिट्टी के बर्तन में बना खाना ज़्यादा हेल्दी और नेचुरल रहता है। इसमें पानी और भाप भी संतुलित रहती है, जिससे खाने का असली स्वाद और पोषण दोनों बरकरार रहते हैं।
खाने का स्वाद बढ़ाता है
अगर आप चाहते हैं कि आपका खाना देसी स्वाद वाला और सुगंध से भरपूर हो, तो मिट्टी के बर्तन में खाना ज़रूर पकाएं। मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक खनिज (Minerals) जब खाने के साथ मिलते हैं, तो वो एक यूनिक मिट्टी की खुशबू देते हैं। दाल, सब्ज़ी या बिरयानी – सबका स्वाद दोगुना हो जाता है।
शरीर को मिलते हैं ज़रूरी मिनरल्स
मिट्टी के बर्तन से कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स शरीर को मिलते हैं। जब खाना पकता है तो मिट्टी के ये तत्व धीरे-धीरे खाने में समा जाते हैं। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और पाचन शक्ति भी सुधरती है।
कम तेल में बनता है स्वादिष्ट खाना
नॉन-स्टिक की तुलना में मिट्टी के बर्तनों में कम तेल की जरूरत पड़ती है। क्योंकि मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नमी बनाए रखने की क्षमता होती है। इससे खाना चिपकता नहीं और हेल्दी भी बनता है। वजन घटाने वालों के लिए यह एकदम परफेक्ट ऑप्शन है।
पर्यावरण के लिए सुरक्षित
मिट्टी के बर्तन प्राकृतिक सामग्री से बने होते हैं। इनमें कोई केमिकल या हानिकारक कोटिंग नहीं होती, जबकि नॉन-स्टिक बर्तनों में अक्सर हानिकारक टेफ्लॉन कोटिंग होती है। मिट्टी के बर्तन इस्तेमाल करने से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता, बल्कि यह इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल चॉइस है।





