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Ahmedabad Plane Crash News: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और DGCA को भेजा नोटिस, कहा – ‘पायलट्स को दोष नहीं दिया जा सकता’

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Ahmedabad Plane Crash News: जून 2025 में हुआ अहमदाबाद प्लेन हादसा आज भी लोगों के दिलों में डर पैदा करता है। इस हादसे में पायलट समेत सभी यात्रियों की मौत हो गई थी, सिर्फ एक व्यक्ति बच पाया। इस दर्दनाक हादसे के महीनों बाद अब मामला फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में केंद्र सरकार और DGCA को नोटिस जारी कर पुनः जांच (Reinvestigation) के आदेश दिए हैं।

हादसे की यादें आज भी करती हैं सिहरन पैदा

जून 2025 में हुआ अहमदाबाद का यह हवाई हादसा देशभर को हिला गया था। उस दिन एयर इंडिया का एक विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दर्जनों यात्रियों के साथ-साथ पायलट्स की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। यह घटना इतनी भीषण थी कि राहत और बचाव टीम को कई घंटे तक मलबे से शव निकालने में दिक्कत हुई थी।

पायलट के पिता ने की पुनः जांच की मांग

इस मामले को लेकर अब एक नई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। कैप्टन सुमित सभरवाल, जो उस विमान के पायलट थे, उनके पिता ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को बिना सबूत के हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि असली गलती तकनीकी खामी और मेंटेनेंस की लापरवाही की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि “पायलट्स को बिना ठोस सबूत के दोषी नहीं ठहराया जा सकता।” अदालत ने DGCA से रिपोर्ट मांगी है कि प्रारंभिक जांच में किन तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया था और क्या विमान की तकनीकी जांच पूरी पारदर्शिता से की गई थी।

परिजनों ने उठाए जांच की निष्पक्षता पर सवाल

हादसे में मारे गए पायलट्स और यात्रियों के परिजनों ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई विसंगतियां थीं। उनका आरोप है कि DGCA और एयरलाइन कंपनी ने पायलट्स पर दोष डालकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। अब वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या SIT से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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कोर्ट ने कहा – सच्चाई सामने आनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस हादसे में किसकी गलती थी, यह सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। कोर्ट ने केंद्र और DGCA से 4 हफ्तों में जवाब मांगा है। यह मामला अब फिर से चर्चा में है, क्योंकि अगर जांच दोबारा शुरू होती है, तो अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

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