Rajasthan School News: राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की 300 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इस खबर ने अभिभावकों और शिक्षकों को चौंका दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछले दो वर्षों से छात्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयास विफल रहे हैं, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा है। आइए जानते हैं सरकार ने ऐसा क्यों किया और इसका असर बच्चों के भविष्य पर क्या पड़ेगा।
लगातार घट रही है सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या
राजस्थान सरकार के अनुसार, पिछले दो वर्षों से लगातार प्रयासों के बावजूद सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में गिरावट आ रही है। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इस कारण सरकार ने निर्णय लिया कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या बहुत कम है, उन्हें पास की अन्य स्कूलों में मर्ज (विलय) कर दिया जाएगा ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
शिक्षकों और स्टाफ का होगा ट्रांसफर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों को बंद किया जा रहा है, वहाँ के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अन्य सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया जाएगा। इसके अलावा, जिन स्कूलों में अब कोई छात्र नहीं है, उनकी इमारतें जिला प्रशासन को अन्य सरकारी उपयोगों के लिए सौंपी जाएंगी।
कांग्रेस सरकारों पर शिक्षा मंत्री का आरोप
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना जरूरत और मानकों को पूरा किए कई स्कूलें खोलीं, जिसके चलते आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को सुधारना है, न कि उसे नुकसान पहुंचाना।
बच्चों के भविष्य पर उठे सवाल
राज्य में स्कूल बंद करने के इस फैसले ने अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच चिंता बढ़ा दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन बच्चों की स्कूलें बंद होंगी, उन्हें आगे कैसे पढ़ाया जाएगा? क्या उनके लिए नई स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा? सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
इस फैसले पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को स्कूलें बंद करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।





