बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडियन गोवर्धन अस्रानी (Asrani) अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी मौत से पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूबी हुई है। 70 और 80 के दशक में दर्शकों को अपनी कॉमिक टाइमिंग से हंसाने वाले अस्रानी के साथ उनकी पत्नी मंजू अस्रानी (Manju Asrani) हमेशा एक मजबूत सहारा बनकर खड़ी रहीं। आइए जानते हैं कौन हैं मंजू अस्रानी और कैसे उन्होंने अपने पति की आखिरी इच्छा पूरी की।
फिल्मी सेट पर शुरू हुई थी अस्रानी और मंजू की लव स्टोरी
मंजू अस्रानी, जिनका मायका नाम मंजू बंसल था, खुद भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा थीं।
दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘आज की ताज़ा खबर’ और ‘नमक हराम’ के सेट पर हुई थी।
फिल्मों के प्रति दोनों का प्यार धीरे-धीरे एक-दूसरे के लिए मोहब्बत में बदल गया।
इसके बाद दोनों ने शादी कर ली और एक-दूसरे के साथ 50 साल से ज्यादा वक्त तक साथ निभाया।
मंजू अस्रानी का करियर और फिल्में
मंजू अस्रानी ने कई हिंदी फिल्मों में काम किया — जिनमें ‘कबीला’, ‘उधार का सिंदूर’, ‘तपस्या’, ‘चांदी सोना’ और ‘चोर सिपाही’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ 90 के दशक में निर्देशन (Direction) में भी हाथ आज़माया।
हालांकि उन्होंने हमेशा परिवार को करियर से ऊपर रखा, और अस्रानी के करियर को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
बिना बच्चों के भी निभाया हर रिश्ता दिल से
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्रानी और मंजू अस्रानी के कोई संतान नहीं थी।
हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि उनका एक बेटा नवीन अस्रानी है, लेकिन परिवार ने इस पर कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
इसके बावजूद मंजू ने अस्रानी के साथ हर सुख-दुख में साथ निभाया और उन्हें हमेशा मजबूत सहारा दिया।
अस्रानी की आखिरी इच्छा और मंजू की जिम्मेदारी
अस्रानी का निधन 20 अक्टूबर 2025 को मुंबई के अरोग्य निधि अस्पताल, जुहू में हुआ।
वे पिछले कुछ दिनों से फेफड़ों में पानी भरने की समस्या से जूझ रहे थे।
उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनके अंतिम संस्कार की जानकारी किसी को न दी जाए, सब कुछ शांति से हो।
मंजू ने वही किया — बिना किसी तामझाम के सांताक्रूज़ श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
जीवनभर का साथ और सादगी भरी मोहब्बत
मंजू और अस्रानी दोनों ने हमेशा सादगी और सम्मान से भरा जीवन जिया।
वे बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर एक साधारण जोड़ी की तरह रहते थे।
उनका रिश्ता आपसी भरोसे और प्यार पर टिका था, जो पांच दशकों तक मजबूत बना रहा।
अस्रानी के जाने के बाद मंजू ने एक बार फिर साबित किया कि सच्चा साथ वही है जो आखिरी वक्त तक निभाया जाए।





