US Army Attack: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरिबियन सागर में अमेरिकी सेना द्वारा की गई एयरस्ट्राइक पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर इस जहाज पर हमला नहीं किया गया होता, तो करीब 25,000 अमेरिकी नागरिकों की मौत हो सकती थी, क्योंकि यह जहाज अवैध नशीले पदार्थों से भरा हुआ था।
जहाज पर था खतरनाक ड्रग्स का जखीरा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी थी। जांच में पता चला कि यह जहाज फेंटानिल और अन्य खतरनाक ड्रग्स से लदा हुआ था और तेज़ी से अमेरिकी तट की ओर बढ़ रहा था। अगर इसे रोका नहीं जाता, तो बड़ी तबाही हो सकती थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब किसी भी हालत में ड्रग माफिया और नार्को-टेररिज्म को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पेंटागन ने जारी किया हमले का वीडियो
ट्रंप के बयान के बाद पेंटागन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” पर इस एयरस्ट्राइक का वीडियो भी साझा किया। वीडियो में अमेरिकी सेना द्वारा बमबारी के बाद जहाज को डूबते हुए देखा जा सकता है। बताया गया है कि इस हमले में दो ड्रग तस्कर मारे गए, जबकि दो को जिंदा पकड़ा गया। गिरफ्तार तस्कर कोलंबिया और इक्वाडोर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
ट्रंप ने लिखा Truth Social पर पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में लिखा —
“इस जहाज को तबाह करना हमारे लिए गर्व की बात है। अगर यह अमेरिका पहुँच जाता, तो 25 हजार अमेरिकियों की जान खतरे में पड़ जाती।”
उन्होंने कहा कि इस हमले में अमेरिकी सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ है और यह कार्रवाई पूरी तरह देश की सुरक्षा के लिए की गई थी।
ड्रग माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज़
ट्रंप प्रशासन ने ड्रग तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान तेज़ कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 29 तस्करों की मौत अमेरिकी सैन्य अभियानों में हो चुकी है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने भी एक पोस्ट में पुष्टि की कि गिरफ्तार तस्कर को वापस लाया जा रहा है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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अमेरिका की सख्त नीति
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका अब नशे के कारोबार को “नई किस्म के आतंकवाद” के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 9/11 के बाद जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत कार्रवाई कर रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी देश या संगठन अमेरिका में नशे की तस्करी करेगा, उसके खिलाफ सीधा सैन्य एक्शन लिया जाएगा।





